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निरीक्षण: बालिका विद्यालय में मिली अव्यवस्थायें, गंदगी

गंदगी मिलने पर वार्डेन को कारण बताओ नोटिस जारी
गौवंशों के स्वास्थ्य परीक्षण करते रहने के दिए निर्देश

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चकौंध व पशु आश्रय गृह केन्द्र का औचक निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने विद्यालय में साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाएं सही न पाये जाने पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को निर्देश दिये कि वार्डेन रचना देवी को कारण बताओं नोटिस जारी करें अगर दोबारा निरीक्षण में कमी पायी गई तो सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बालिकाओं से खाना, पढ़ाई व ठहरने आदि की व्यवस्था की जानकारी की। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी हो तो बतायें। निराकरण किया जायेगा। डायल 100 को बदल कर शासन ने 112 नम्बर कर दिया गया हैं। इसके अलावा 1090 महिला हेल्प लाइन भी चालू की गई है  िजसमें किसी भी समय समस्या हो तो अवगत करायें। इसमें नाम गोपनीय रखा जायेगा। जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी पहाड़ी से खाद्यान्न के नमूने की जांच करवाया कि टेण्डर के अनुसार खाद्यान्न की आपूर्ति की जा रही है कि नहीं। इसकी जांच आख्या उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये। अध्यापकों को निर्देश दिये कि बालिकाओं को प्रतिदिन समाचार पत्रों की हेडलाइन की जानकारी अवश्य दी जाये। मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध करायें। वार्डेन ने अभिभावकों के लिए बाहर बैठने का हाल व शौचालय न होने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को निर्देश दिये कि सड़क व कार्यों का प्राक्कलन तैयार कराकर उपलब्ध करायें। वार्डेन को निर्देश दिये कि विद्यालय की रंगाई-पोताई और जहां ठहरने की व्यवस्था है वहां की खिड़कियों के शीशे आदि बदलवा दें तथा शौचालयों की सफाई करायें। वार्डेन ने बताया कि सौ छात्राओं के सापेक्ष 92 छात्राएं उपस्थित हैं। सीसीटीवी कैमरा तथा सुरक्षा के लिए पीआरडी जवान भी तैनात हैं।

तदोपरान्त पशु आश्रय गृह चकौंध का निरीक्षण किया। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि निर्धारित प्रारूप पर चारा-भूसा की पत्रावली तैयार कर भुगतान करायें। ग्राम प्रधान गज्जू प्रसाद फौजी व सचिव राहुल सिंह को निर्देश दिये कि शेड को तिरपाल से चारों तरफ से ढक दिया जाय ताकि गोवंशो को ठण्ड न लगे। स्टीमेट तैयार कराकर एप्रोच रोड बनवाकर विद्युतीकरण करायें। ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव के लोग यहां पर अपने गोवंश छोड़ देते हैं। इस पर जिलाधिकरी ने कहा कि उनकी सूची उपलब्ध करायें। ताकि उनके खिलाफ रिर्पोट दर्ज करायी जा सके ओर जो जमीन ग्रामसभा की कब्जा किये हैं उसको तत्काल खाली कराये। उन्होंने कहा कि गौशाला में जो कांटेदार वृक्ष लगे हैं उन्हें हटवाकर फलदार या छायादार वृक्ष लगवायें। छोटंे गोवंशों नर-मादा को भी अलग व्यवस्था करें। गोवंशो को चराने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खण्ड विकास अधिकारी से कहा कि इस गौशाला पर पर्याप्त जगह है। अगल-बगल की छोटी गौशालाओं के भी गोवंश यहां रखवाये जायें। खण्ड विकास अधिकारी ने बताया कि अशोह में ग्रामीणों द्वारा पशु आश्रय केन्द्र से निकलने की रास्ता को नहीं बनने दिया जा रहा। इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि तत्काल निस्तारण कराया जाये। पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि लगातार गौशालाओं का निरीक्षण कर गोवंशो के स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहें। कोई भी गोवंश की बीमारी से मृत्यु नहीं होना चाहिए। यह पूर्ण जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा केपी यादव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी प्रकाश सिंह, खण्ड विकास अधिकारी पहाड़ी विपिन कुमार सहित संबंधित मौजूद रहे।


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