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धरने में लेखपालों ने प्रदेश सरकार को जमकर कोसा

फतेहपुर, शमशाद खान । उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ द्वारा 8 सूत्रीय मागांे को लेकर किये जा रहे आन्दोलन के क्रम में जनपद के लेखपाल सदर तहसील में लगातार धरना दे रहे हैं। लेखपालों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लेखपालों ने जल्द से जल्द शासनादेश जारी किये जाने की मांग उठायी। 
बुधवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उप शाखा सदर के जिलाध्यक्ष कधईलाल पाल की अगुवई में समस्त लेखपाल तहसील प्रांगण में धरने पर डटे रहे। पूर्ण कार्य बहिष्कार का कार्यक्रम के तहत लगातार धरना जारी है। धरने को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, प्रोन्नति काडर रिव्यू, पेंशन विसंगति, भत्ते, लेखपाल का पदनाम परिवर्तन, राजस्व निरीक्षक सेवा नियमावली 2018 प्रख्यापित किये जाना व
तहसील परिसर में धरने के दौरान नारेबाजी करते लेखपाल।  
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मध्य प्रदेश की भांति 18 रूपये प्रति खाता इंसेन्टिव हेतु लेखपालों को दिये जाने को लेकर शासन द्वारा सहमति तो बन गयी लेकिन शासनादेश जारी नहीं किया जा रहा है। जिसको लेकर लेखपालों में खासी नाराजगी है। वक्ताआंे ने कहा कि लेखपाल अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक यह लड़ाई अन्तिम चरण तक नहीं पहंुच जाती तब तक लेखपालों का संघर्ष जारी रहेगा। लेखपालों ने धरनास्थल पर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर जहर उगला। बताया कि धरने में राजस्व निरीक्षक संघ, उ0प्र0 अमीन संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उ0प्र0 ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, उ0प्र0 राजस्व प्रशासनिक संघ का भी समर्थन प्राप्त हो रहा है। धरने का संचालन तहसील जिला मंत्री बीरेन्द्र सिंह ने किया। इस मौके पर ज्ञान सिंह यादव, विवेक कुमार तिवारी, रमेश चन्द्र पटेल, हरिगोविन्द सिंह, वीरेन्द्र सिंह, आदित्य कुमार, राजाराम, रावेन्द्र कुमार, रामनरेश निषाद, अनुराग बाजपेयी, मयंक तिवारी, धर्मेन्द्र कुमार, लववीर सिंह, अशोक कुमार तिवारी, क्षत्रपाल गुप्ता, सुरेन्द्र श्रीवास्तव, अनिल कुमार आदि रहे। शासन द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न के विरूद्ध प्रत्येक वक्ता ने अपने-अपने विचार रखे। 

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