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‘त्रैमासिक रिटर्न में सहज एवं सुगम सुविधाएं’

नवीन जीएसटी रिटर्न प्रणाली पर हुई परिचर्चा, सम्मानित हुए करदाता
डीएम ने कहा-पंजीयन कराकर लाभ उठाएं व्यापारी

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय के मुख्य आतिथ्य में वाणिज्य कर विभाग के तत्वावधान में पंजीयन जागरूकता एवं नवीन जीएसटी रिटर्न प्रणाली पर व्यापारियों के साथ परिचर्चा मंदाकिनी भवन सीतापुर में की गई।
जिलाधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि जीएसटी पंजीयन के लिए शासन से निर्देश प्राप्त हुए हैं। संवाद में बहुत शक्ति होती है और समस्याओं का आदान-प्रदान होता है। जिससे उनका निराकरण भी कराया जा सकता है। वाणिज्य कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापार बन्धु का गठन कर बैठक कराएं। व्यापारियों की समस्याएं समयबद्ध तरीके से निस्तारित करें। ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से प्रत्येक माह जरूर कराएं। दस व्यापारियों को सम्मानित किया गया है। इसमें हर ट्रेड के व्यापारी को अवश्य शामिल करें। ऑनलाइन व्यापार
पर टैक्स बंद न किया जाए। व्यापारियों से कहा कि समस्याओं को लिखकर उपलब्ध कराएं। वह विभाग से कार्यवाही करेायेंगे। सभी व्यापारियों का पंजीयन अवश्य कराएं और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी पंजीयन 1 अप्रैल 2020 से लागू होने वाली है। ऐसे सभी करदाता जिनका गत वर्ष का सकल टर्नओवर 5 करोड़ से अधिक रहा है प्रति माह रिटर्न फाइल करें। जिनका कम रहा है किंतु उनके द्वारा मासिक रिटर्न का विकल्प अपनाया जाता है तो उक्त रिटर्न में सभी प्रकार की आवक जावक आपूर्तिया प्रदर्शित की जाएं। ऐसे करदाता जिनका गत वर्ष का सकल टर्नओवर 5 करोड़ तक रहा है त्रैमासिक आधार पर आरईटी दाखिल करने को विकल्प चुन सकते हैं। यद्यपि ऐसे मामले में मिस हुई किसी इनवॉइस की क्रेडिट नहीं प्राप्त हो सकेगी। त्रैमासिक रिटर्न में सहज एवं सुगम की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। बड़े करदाता अगले माह की 20 तारीख तक एवं छोटे करदाता अगले माह की 25 तारीख तक रिटर्न दाखिल अवश्य कर दें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरण जहां आपूर्तिकर्ता द्वारा कर नहीं अदा किया गया है प्राप्तकर्ता के स्तर पर आईटीसी की तरह आरआईटीसी नहीं की जाएगी। कर अदायगी में किसी प्रकार की शिथिलता की स्थिति में विभाग द्वारा आपूर्तिकर्ता से प्रथम दृष्टया कर वसूली की जाएगी। उक्त के अपवाद स्वरूप व्यापार बंदी अथवा डीलर के पता न चल पाने की स्थिति में आईटीसी की वसूली नियमानुसार नोटिस एवं व्यक्तिगत सुनवाई करते हुए प्राप्तकर्ता से होगी। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर बांदा जय सिंह यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में संबंधित अधिकारी व व्यापारी मौजूद रहे।

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