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पहला किशोर बलिदानी था खुदीराम बोस

हमीरपुर, महेश अवस्थी । प्राचार्य डाॅ भवानीदीन ने कहा कि बंगाल पुरोधाओं की पृथ्वी रही है। यहां पर अनेक सूरमाओं ने जन्म लिया। जिनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इस श्रंखला में पहला किशोर बरदानी खुदीराम बोस रहे। तीन दिसम्बर को वे मिदनापुर जिले में पैदा हुये थे। तीन मुट्ठी खुद्दी में बड़ी बहन अपरूपा ने

इन्हें खरीदा इसलिये उनका नाम खुदीराम पड़ गया। विद्रोही स्वभाव के थे। क्रांति के क्षेत्र में एक नई दिशा लेकर मात्रभूमि के दिवाने हो गये। उनकी प्रतिभाग को सत्येन्द्रनाथ बोस ने पहचाना। जिसकी तारीफ तत्कालीन गर्वनर ने भी की थी। इनपर बंगाल के गर्वनर को उड़ाने का आरोप लगा। 18 वर्ष की उम्र में इन्हें फांसी की सजा दी गई थी। कार्यक्रम में डाॅ श्याम नारायण, लालता प्रसाद आदि ने विचार रखे। 

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