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चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की पालिकाध्यक्ष की मंशा पर कुठाराघात

जिलाधिकारी ने रुकवाया शौचालय का निर्माण कार्य

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । उरई नगर पालिकाध्यक्ष द्वारा अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाये जाने की मंशा से मानकों के विपरीत बगैर टेण्डर के कलेक्ट्रेट गेट के बगल में शौचालय का निर्माण कराने की मंशा पर जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाते हुये पलीता लगा दिया है। सूत्रों की मानें तो पालिकाध्यक्ष ने सत्ता की हनक दिखाते हुये उक्त कार्य कराने के लिये ईओ व आरआई पर दबाब भी बनाया था इसी कारण से बगैर टेण्डर के उक्त कार्य आनन-फानन में शुरू कराया गया था।
गौरतलब हो कि निर्दलीय चुनाव लड़कर पालिकाध्यक्ष बने अनिल बहुगुणा ने दांवपेंच के सहारे भाजपा में वापसी कर पालिकाध्यक्षी को हनक के साथ चलाने का सपना देख रहे थे। इसी बीच वह अब तक अनेकों ऐसे कार्यों को अंजाम तक पहुंचा चुके हैं जिन्हें नियमों को ताक पर रखकर कराया गया। इसी कड़ी में पिछले दिनों पालिकाध्यक्ष अनिल बहुगुणा ने अपने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाये जाने की मंशा से जिलाधिकारी कार्यालय

गेट के बगल में नाले के ऊपर शौचालय निर्माण की कार्ययोजना बनायी थी। जिसे अमली जामा पहनाने की मंशा से उन्होंने बगैर टेण्डर के ही शौचालय का निर्माण शुरू करवा दिया था। जब उक्त बात की भनक जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर को पता चली तो उन्होंने मामले के संबंध में पूरी जानकारी ली तो पता चला कि पालिकाध्यक्ष द्वारा जिस तरह से शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है वह मानकों के विपरीत है। किसी भी स्थान पर शौचालय का निर्माण कराने से पहले इस बात का ध्यान रखा जाता है कि अन्य कोई शौचालय का निर्माण 100 मीटर के दायरे में न हो। जबकि पहले से ही मिशन स्कूल के बाहर शौचालय बना हुआ है तो कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर भी शौचालय है। ऐसी स्थिति में पालिकाध्यक्ष द्वारा बगैर टेण्डर के निर्मित कराये जा रहे शौचालय का निर्माण जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। अब अवैधानिक तरीके से निर्मित कराये जा रहे शौचालय के निर्माण में अब तक जो धनराशि खर्च हुई है उसकी भरपाई कहां से होगी। क्या नगर पालिका अपनी ओर से उक्त कार्य का भुगतान करेगी या फिर चहेते ठेकेदार को चपत लगेगी। यह विषय नगर पालिका परिषद उरई कार्यालय में चर्चा का विषय बना हुआ है।

जांच के बाद होगी अग्रिम कार्यवाहीः एडीएम

उरई। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह से जब जिलाधिकारी कार्यालय गेट के बाहर नाले के ऊपर बगैर टेण्डर आमंत्रित किये पालिकाध्यक्ष द्वारा अपने चहेते ठेकेदार द्वारा शौचालय निर्माण कराने के संबंध में दूरभाष पर जानकारी चाही तो उन्होंने स्पष्ट रूप से शौचालय निर्माण पर जिलाधिकारी द्वारा रोक लगा दी गयी है। क्योंकि उक्त शौचालय का निर्माण मानकों के विपरीत था। उन्होंने यह भी कहा कि उक्त प्रकरण की जल्द ही जांच की जायेगी तभी पूरे मामले का असली खेल समझ में आयेगा।

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