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Monday, December 16, 2019

गौवंशों की मृत्यु हुई तो नपेंगे अधिकारी-कर्मचारी: डीएम

एक सप्ताह में पूरी व्यवस्थायें कराने के दिए निर्देश

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय के अध्यक्षता में आइजीआरएस पीजी पोर्टल, स्वच्छ शौचालय, मनरेगा के कार्य, आवासों की स्थिति, गौशालाओं का संचालन आदि के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक संपन्न हुई।
बैठक में खादी ग्रामोद्योग अधिकारी व अधिशासी अभियंता प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उपस्थित न होने पर जवाब तलब करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए। शौचालयों के निर्माण की स्थिति की समीक्षा पर जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए ग्राम पंचायत अधिकारियों व सहायक विकास अधिकारी पंचायतो में कार्य नहीं कर रहे हैं तो इनके खिलाफ कार्यवाही कराएं। एक सप्ताह के अंदर बीएलएस, शौचालय तथा एलओबी के तीन दिन के अंदर पूर्ण नहीं हो रहे तो संबंधित सचिव, एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्यवाही कराएं। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गौशालाओं पर पूरी व्यवस्था रहना चाहिए। कहीं पर गौशाला में गोवंश खुले में न रहे। किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो। अन्यथा सख्त कार्यवाही होगी। बार-बार कहने के बावजूद सुधार नहीं किया जा रहा। सभी ब्लॉक के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए खंड विकास अधिकारियों के साथ भ्रमण कर गौशालाओं का व्यवस्था देखें। यहां कोई कमी है। उसको तत्काल पूर्ण कराएं।

बैठक में निर्देश देते डीएम।
प्रत्येक गौशाला में दो कर्मचारी. को 24 घंटे लगाया जाए। जिन नोडल अधिकारियों ने गौशालाओं को गोद लिया है वह अपने कर्मचारियों को लगा कर सभी व्यवस्थाएं कराएं तथा जिला पूर्ति अधिकारी कोटेदारों को इस कार्य में लगाएं। पूर्ति निरीक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंपें। खंड विकास अधिकारियों से कहा कि जहां पर श्ेोड नहीं बने हैं। वहां पर प्रॉपर शेड बनवाए जाएं। चारों तरफ से तिरपाल से ढक कर रखें। किसी गौशाला में कीचड़ नहीं होना चाहिए। क्षमता से ज्यादा गौशाला में गोवंश न रखे। गौशालाओं के संचालन में कहीं से कोई अव्यवस्था की सूचना मिली तो बख्शे नहीं  जायेंगें। जनपद में कामधेनु डेरिया जो बनी है उनके संचालकों से बैठक करके वहां पर भी व्यवस्था कराई जाए। पराली के अलावा गोवंश को भूसा भी खिलाया जाए। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक कर्वी तथा मऊ में अव्यवस्था हुई है। एक सप्ताह के अंदर शेड बन जाए। अगर नहीं बन पाते हैं तो वहां पर गोवंश न रखे। किसी भी दशा में कहीं से कोई सूचना गोवंश मृत्यु की नहीं मिलनी चाहिए। अन्यथा जिले से लेकर ग्राम स्तर तक के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए जिन ग्राम पंचायतों  की पत्रावली में भरण पोषण की धनराशि प्राप्त हुई है उनका तत्काल भुगतान करा दिया जाए। जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि जिन विभागों के लंबित संदर्भ है। उनका तत्काल निस्तारण कराएं। किसी भी दशा में मामले डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। समय सीमा के अंदर शासन की मंशा के अनुरूप निस्तारण करायें। बैठक में उप जिलाधिकारी मऊ, राजापुर, मानिकपुर, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उप निदेशक कृषि, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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