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नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन

संशोधन बिल के खिलाफ शुक्रवार को भी कई जगह धरना-प्रदर्शन हुआ। अशरफाबाद मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से बहस हो गई।
कानपुर गौरव शुक्ला:- जुमा की नमाज के बाद हलीम मुस्लिम कॉलेज चौराहा पर हजारों की संख्या में नमाजियों ने प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया मजलिस इत्तिहादुल मुस्लिमीन कानपुर के नगर अध्यक्ष हाजी यूसुफ मंसूरी ने कहा कि यह बिल देश को एक बार फिर विभाजन की ओर ले जाएगा। इस बिल को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 21 के विपरीत कैब (सिटीजन अमेंडमेंट बिल) तैयार किया है। सरकार सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर कार्य करती है तो फिर भेदभाव क्यों। प्रदर्शन करने वालों में मुफ्ती आसिफ अंजार, नूर आलम, एहतिशाम अनवर, उमर मारूफ, दिलदार गाजी, फजल महमूद गागू, हयात हाशमी उपस्थित रहे।

उधर, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के तत्वावधान में रूपम टाकीज चौराहे पर बिल का विरोध किया गया। मोहम्मद कुमैल, मोहम्मद अतीक, चंद्रशेखर प्रजापति, मोहम्मद फारुख उपस्थित रहे। वहीं, मदीना मस्जिद के बाहर नमाजियों ने एकत्रित होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अशरफाबाद मस्जिद के बाहर नमाजियों ने मौलाना मतीनुल हक ओसामा कासमी के नेतृत्व में बिल का विरोध किया। हाथों में तिरंगा लेकर बिल के विरोध में तख्तियां लेकर जुलूस निकालने का भी प्रयास किया, जिस पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से बहस हो गई। हालांकि 100 मीटर तक पैदल चलने के बाद प्रदर्शनकारी वापस मस्जिद में चले गए। मौलाना फरीद, राजू, नासिर, बदरूज्जमा, शमी उल्लाह, लियाकत अली, रेहान, शब्बीर आदि उपस्थित रहे। समाजवादी छात्रसभा और यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने फूलबाग में नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने बिल की प्रतियां जलाई। विधायक अमिताभ बाजपेयी, विधायक इरफान सोलंकी, फजल महमूद, चंद्रेश सिंह, सिराज हुसैन उपस्थित रहे। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के तत्वावधान में राज्यपाल को संबोधित 18 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासनिक अफसर को सौंपा गया। पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवकुमार बेरिया, आशीष चौबे, विनोद प्रजापति, गोविंद त्रिपाठी, सचिन वोहरा उपस्थित रहे। अखिल भारतीय अल्पसंख्यक बोर्ड के तत्वावधान में शिक्षक पार्क परेड में धरना प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बिल देश की मूल भावना कि विपरीत है। अखिल भारतीय अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल कुद्दूस हादी, पादरी जितेंद्र सिंह, सरदार हरविंदर सिंह लार्ड, प्रदीप यादव, पादरी सैमुअल सिंह, शाकिर अली उस्मानी समेत अन्य वक्ता उपस्थित रहे।

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