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सैकड़ा भर गांवों के किसानों के लिये आफत बनी ओलों की बरसात

प्रभावित गांवों में  80 से 90 प्रतिशत फसलें नष्ट होने की संभावना
प्रशासनिक अमला गांवों में हुये नुकसान का जायजा लेने पहुंचा
उरई तहसील के सबसे ज्यादा गांव हुये प्रभावित

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । 12-13 दिसंबर की रात व दिन में मौसम का ऐसा मूड बिगड़ा कि पहले तो जमकर बारिश हुयी और थोड़ी ही देर बार प्रलयंकारी तरीके से आसमान से ओलों की बारिश शुरू हो गयी तो देखते ही देखते जो खेत हरियाली से आच्छादित नजर आते थे वहां चहुंओर बर्फ की सफेद चादर बिछी दिखने लगी। उक्त नजारा देखकर किसान सदमे में डूब गये। बताया जाता है कि उरई व कोंच तहसील क्षेत्र के लगभग सैकड़ा भर गांवों में ओलों की बरसात होने से वहां किसानों के खेतों में लहलहाती फसलें 80 से 90 प्रतिशत तक नष्ट हो गयी। उरई व कोंच तहसील क्षेत्र के लगभग एक सैकड़ा गांव प्रभावित बताये जा रहे हैं।

प्रलयंकारी ओलों की बरसात के बाद शनिवार को उरई तहसील प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और प्रभावित गांवों में लेखपालों को भेजकर सर्वे कार्य शुरू कराया गया है। उरई तहसील से प्रभावित गांवों की सूची में ग्राम अकोढ़ी बैरागढ़, सोमई, अजनारी, मौखरी, टिमरों, रुद्र टिमरों, चिल्ली, इकहरा, भटपुरा, खरका, ददरी, कुरौना, ऐर, टीकर, कुसमिलिया, मुहम्मदाबाद, कपासी, शहपुरा, कैथेरी, बिरगुवां, काबिलपुरा, भुआ, नरछा, बर्ध, शेरअंदाजपुर, पडुवा, कंकनखेड़ा, खरूसा, बरहा जालौन, हरदोई गूजर, धगुवा खुर्द, पट्टी एट, दौलतपुर, एट, इमिलिया, मलूपुरा, टिकटौली, व्यासपुरा, इटवा जालौन आदि प्रभावित गांव बताये जा रहे हैं तो वहीं कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम पनयारा, सिमिरिया, भदारी, बरौदा खुर्द, ताहरपुर, दिरावटी, सिकरी, गुरावती, पचीपुरा, छानी, पड़री, अंडा, सतोह के साथ ही कैलिया व नदीगांव क्षेत्र के भी गांवों में ओलों की बरसात होने की जानकारी मिली है। समाचार लिखे जाने तक उरई व कोंच तहसील क्षेत्र में प्रभावित गांवों का सर्वे करने के लिये टीमें गांवों में शनिवार को पहुंच चुकी थी जो नुकसान से हुये सर्वे की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को देगी।


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