Latest News

राष्ट्रीय सेमिनार में विद्वतजनों ने रखे विचार

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जगदगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्व विद्यालय एंव साहित्य अकादमी नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ जगदगुरु रामभद्राचार्य के निजी सचिव आचार्य रामचंद्र दास, मुख्य अतिथि प्रो राजेंद्र मिश्रा अभिराज पूर्व कुलपति शिमला विश्व विद्यालय एंव संयोजक अकादमी, कुलपति प्रो योगेश चंद्र दुबे, प्रो रहस बिहारी दिवेदी, पूर्व विभागाध्यक्ष संस्कृत विवि जबलपुर, प्रो प्रभुनाथ दिवेदी पूर्व विभागाध्यक्ष काशी विधापीठ वाराणसी, प्रो राजेंद्र तिवारी रसराज इलाहाबाद केंद्रीय विवि, डा दयानंद मिश्र, अर्चना जोशी इंदौर  आदि ने मां सरस्वती के चित्र पर मालार्पण कर किया। आचार्य रामचंद्र दास ने कहा कि एशिया के एकमात्र दिव्यांग विश्व विद्यालय में राष्ट्रीय सेमिनार होना गर्व की बात है। कहा कि चित्रकूट में भगवान


कामतानाथ के दर्शन करने मात्र से मानव जीवन के सभी पाप, कष्ट दूर हो जाता है। कामदगिरि भे राम प्रसादा, अवलोकत अपहरत विषादा। कुछ समय भगवान राम लालापुर के बाल्मीकि आश्रम मे भी रहे। बहुत ऐसे उदाहरण मिलते है जहां पर भगवान राम का संस्कृत साहित्य मे उल्लेख मिलता है। संयोजक प्रो. राजेंद्र मिश्र ने कहा कि चित्रकूट एक ऐसी धरती है जहां साहित्य के क्षेत्र में कोई भी उत्तर नहीं है। चित्रकूट का वैशिष्ट्य भगवान राम के वनवास काल से मिलता है। आचार्य क्षेमेन्द्र भी चित्रकूट के बारे मे लिखते हैं और बहुत ही रोचक जानकारी अपनी पुस्तक में भी लिखा है। कुलपति प्रो योगेश चंद्र दुबे ने विचार व्यक्त करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर प्रो कामता प्रसाद त्रिपाठी पीयूष प्रताबगढ, डा अंबिकेश त्रिपाठी, कुलसचिव प्रो जीपी दुबे, डा मनोज पाण्डेय, एसपी मिश्र सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। स्वागत भाषण डा महेंद्र कुमार उपाध्याय, कार्यक्रम का संचालन डा शशिकांत त्रिपाठी ने किया। इस आयोजन में देशभर के सुप्रसिद्ध विद्वानो ने अपने विचार किए।

No comments