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मौरंग में कड़े परिश्रम से पैदाकर हरी सब्जी देते हैं जनता को

हमीरपुर, महेश अवस्थी । डाॅ एसपी सोनकर ने कहा कि हमीरपुर की स्थाल आकृति नदियों से घिरी है। नदियों के किनारे समीपवर्ती क्षेत्र प्रायः ढालू से अधिक ढालू और बाढ़ग्रस्तता से प्रभावित होते हैं। नदी के किनारे अवषाद विक्षेपण क्षेत्रो में मौरम का जमा होता है। वर्षाकाल में जल भराव से कृषि कार्य प्रभावित होता है। नदी किनारे बसे संसाधन विहिनी किसान सब्जी का उत्पादन करते हैं जो विपरीत मौसम गर्मी में सब्जी की भरमार कर देते हैं,

मगर इनके पास न पानी होता है और न ही सिंचाई का साधन। इस उपजाउ मिट्टी में किसान भाई सोना पैदा कर हरी सब्जी के रूप में जिले के अलावा बाहर भी आपूर्ति करते हैं। वे गांव गांव में हरीतिमा विकास के संकल्प सीडीओ आरके सिंह के निर्देश पर कृषि विज्ञान केन्द्र कुरारा के वैज्ञानिकों के दल ने नदी के किनारे के क्षेत्र में वैज्ञानिक कृषिकरण के नियोजन में मंझूपुर और रोहाईन नाला का स्थलीय निरीक्षण किया। इन वैज्ञानिकों ने पाया कि किसान नदी के पानी में घड़ा डूबो कर कन्धे में लेकर अपने हांथ से सिंचाई करते हैं। तब बुन्देलखण्ड का तापमान 45 से 48 डिग्री सैल्सियस होता है। मगर ये लोग अपनी फसल को बचाकर जनता तक हरी सब्जी पहुंचाते हैं। यहां डाॅ फूल कुमारी, डाॅ शालिनी ने सब्जी नियोजन पर विस्तार से जानकार दी। किसान फूलवती, पार्वती, अशोक, धमेन्द्र मौजूद थे।

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