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पूस माह की अगवानी, झमाझम बरसा पानी

दिसंबर माह में ठंड से ठिठुर रहे लोगों की और बढ़ गई मुसीबत 
गुरुवार के दिन नहीं हुए सूर्य के दर्शन, पूरा दिन हुई रिमझिम बारिश 
सुबह ठिठुरते हुए स्कूल गए बच्चे, छाता लगाकर बाहर निकले लोग 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । गुरुवार को पूस माह की शुरुआत होते ही इंद्रदेव ने झमाझम बारिश के साथ अगवानी की। झमाझम पानी बरसा। भोर से ही आसमान पर बादल छाए हुए थे। धुंध भी थी, लेकिन दिन निकलने तक धुंध साफ हो गई लेकिन सूर्यदेव को आसमान में छाई बदली ने अपनी आगोश में ले लिया। दोपहर तकरीबन दो बजे के बाद आसमान से पानी की बूंदें गिरने का सिलसिला जो शुरू हुआ तो फिर देर शाम तक चलता रहा। पांच बजे 
सुबह ठंड के दौरान ठिठुरते हुए स्कूल जाती छात्राएं 
शाम को एकबारगी झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह बच्चे ठिठुरते हुए स्कूलों के लिए रवाना हुए और शाम के समय लोग बारिश से बचने के लिए छाता लगाने को मजबूर हो गए। सुबह तमाम स्थानों पर लोग खुद का अलाव जलाते हुए बदन सेंकते नजर आए। 
गुरुवार की सुबह ठंड के दौरान बच्चों को स्कूल छोड़ने जाता अभिभावक
हालांकि दिसंबर माह के पहले ही दिन ठंड ने अपनी दस्तक का एहसास करा दिया था। अलबत्ता सुबह और शाम पड़ने वाली ठंड को लोग बर्दाश्त कर रहे थे। अब तक ऐसा नहीं हुआ था कि पूरा दिन लोगों को सूर्यदेव के दर्शन न हों। बुधवार की रात जब सोए तो मौसम पूरी तरह से साफ और गुरुवार की भोर में जब लोगों की नींद खुली तो आसमान को धुंध ने अपनी आगोश में ले रखा था। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, वैसे-वैसे धुंध तो साफ हो गई लेकिन आसमान पर छाई बदली न हटी। इसके चलते लोगों को सूर्य भगवान के पूरा दिन दर्शन भी नहीं हो सके। मौसम एकबारगी ठंडा नजर आया। दोपहर दो बजे के बाद अचानक आसमान से बारिश की बूंदें गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। रिमझिम बारिश रुक-रुककर होती रही। किसी तरह से बारिश के पानी से बच बचाकर 
ठंड से बचाव के लिए आग तापते लोग 
लोग आवागमन करते रहे। लेकिन शाम पांच बजे के बाद एकबारगी झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। बारिश तेज होने पर जो लोग जहां थे, वहीं पर ठिठक कर रह गए। जबकि तमाम लोग शहर में छाता लगाकर आवागमन करते दिखाई दिए। सड़क पर चार पहिया वाहन ही नजर आ रहे थे जो दिन में भी लाइट जलाकर फर्राटा भरते रहे। 
गुरुवार की शाम को बारिश के दौरान छाता लगातार जाते लोग
बुजुर्गों के अनुसार गुरुवार को पूस माह का शुभारंभ हुआ। पूस माह में ठंड अपने शवाब पर आ जाती है। गुरुवार को जिस तरह से इंद्रदेव ने झमाझम बारिश कर पूस माह की अगवानी की, इससे अब ठंड बढ़ने की संभावना है। गुरुवार की सुबह से ही मौसम ठंडा होने के कारण लोग अपने घरों में और घर के बाहर अलाव जलाकर बदन सेंकते और ठंड से बचाव करते हुए नजर आए। 

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