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भाकियू ने की किसानों की पैरवी, समस्या निस्तारण की मांग

भारतीय किसान यूनियन ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा 
किसान को लाभान्वित करने वाली सरकारी योजनाओं में हो रहा है गड़बड़झाला 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार को सौंपा। ज्ञापन में किसानों की तमाम समस्याओं के निस्तारण के साथ ही अन्ना प्रथा से निजात दिलाने की मांग की गई है। यह भी बताया गया है कि किसानों को लाभान्वित करने वाली तमाम योजनाओं में संबंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा गड़बड़झाला किया जा रहा है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी 
सिटी मजिस्ट्रेट को सोंपे गए ज्ञापन में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा है कि जनपद सहित संपूर्ण बुंदेलखंड का अन्नदाता अन्ना प्रथा से परेशान है। किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं। किसान रात-रातभर जागकर अपनी फसलों की रखवाली कर रहा है। बावजूद इसके जरा सी चूक होने पर अन्ना मवेशियों का झुंड किसानों की फसल को चट कर जाता है। ऐसे में अन्नदाता आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि किसान पूरी तरह से कृषि पर आधारित होकर ही अपनी जीविका चला रहा है। अगर अन्ना मवेशियों से निजात नहीं दिलाई गई तो किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएगा। भाकियू ने कहा कि कृषि योग्य भूमि जो कि असिंचित है, को सिंचित व कृषि योग्य बनाने के लिए समुचित सिंचाई व्यवस्था के लिए नहरें, व ट्यूबवेलों की व्यवस्था की जाए। जिन नहरों में कागजों में साफ-सफाई हो रही है, उन्हें मौके पर सफाई कराकर पानी के लिए पर्याप्त गहरा कराया जाए। आयुष्मान योजना के तहत प्रत्येक गांवों में चैपाल लगवाकर गोल्डन कार्ड लाभार्थी को बनाकर दिया जाए। इसका प्रचार-प्रसार प्रत्येक ग्राम में कराया जाए। पात्र लाभार्थियों का तत्काल गोल्डन कार्ड बनाकर उनहें दिया जाए ताकि अस्वस्थ किसान व उसका परिवार स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सके। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना जो चलाई जा रही है, इस पर होने वाले भ्रष्टाचार को रोका जाए। पात्र व्यक्तियों को वर्तमान सूची में शामिल किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्धारित धनराशि पात्रों को यथाशीघ्र उपलब्ध कराई जाए और अपात्रों को प्रधानमंत्री योजना के तहत धनराशि उपलब्ध कराई गई है और जिन्होंने अपने ऐसे आवास, तालाब के भीटों, सड़क की भूमि और सरकारी नजूल भूमि/गांव सभा की भूमि पर निर्माण कराकर धनराशि हड़पी है, जांच के बाद धनराशि की वसूली की जाए। कांशीराम कालोनियों में रह रहे अपात्र व्यक्तियों की जांच कराकर उन्हें बाहर कराया जाए। डूडा विभाग में कार्यरत एक बाबू भ्रष्टाचार में पूरी तरह से लिप्त है, उस पर जांच कराकर कार्रवाई की जाए। मोरम गारोबारियों द्वारा जिले में हो रहे अवैध खनन व ओवरलोडिंग को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। अवैध खनन से नदियों की जलधारा पर प्रभाव पड़ रहा है और ओवरलोडिंग से सड़कें चकनाचूर हो रही हैं। भाकियू ने कहा कि मोरम कारोबारियों के गुर्गों के द्वारा नदी किनारे के किसानों की भूमि से जबरदस्ती ट्रक व ट्रैक्टर निकाले जा रहे हैं, इससे किसान के खेतों को क्षति पहुंच रही है। किसानों को एक लाख रुपए के बकाया बिजली बिलों को तत्काल प्रभाव से माफ किया जाए। इसके अलावा अन्य मांगें भी भाकियू द्वारा दिए गए ज्ञापन में शामिल हैं। इस मौके पर प्रदेश सचिव भाकियू मनरूप सिंह परिहार, मुन्ना सिंह जिला उपाध्यक्ष, अच्छेलाल निषाद, नत्थू खेंगर, जगदीश प्रसाद पाल, सुमन त्यागी, विजयपाल सिंह समेत तमाम किसान संगठन पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

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