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परशुराम-लक्ष्माण संवाद का दर्शकों ने उठाया आनंद

संकट मोचन मंदिर परिसर में किया गया रामलीला का आयोजन 
परशुराम लक्ष्मण संवाद का आनंद लेने को जमे रहे दर्शक 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । संकट मोचन मंदिर परिसर में शनिवार की रात को धनुभंग लीला का सजीव मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के धनुष तोड़ते ही पुष्प वर्षा हुई। धनुष भंग होने के बाद क्रोधित परशुराम को भगवान राम ने शंात कराया। परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुए संवाद का आनंद लेने के लिए श्रोता आखिर तक जमे रहे। 

संकट मोचन मंदिर परिसर में रामलीला मंचन करते कलाकार 
शनिवार को धनुष भंग लीला का आयोजन संकट मोचन मंदिर परिसर में किया गया। भगवान श्रीराम ने गुरुवर का आदेश पाकर शिव के धनुष को खंडित कर दिया। इसके बाद सीता ने राम का वरण किया। धनुष भंग होने से क्रोधित परशुराम ने अपने क्रोधी स्वभाव का प्रदर्शन किया। इसके बाद भगवान राम ने परशुराम का क्रोध शांत किया। नटखट लक्ष्मण परशुराम से भिड़ गए और दोनो में खूब संवाद हुआ। परशुराम और लक्ष्मण संवाद का आनंद लेने के लिए श्रोता आखिर तक जमे रहे। परशुराम की भूमिका में कृष्ण कुमार इछावर, रामजी के स्वरूप

भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु
में बिहारी ही फतेहपुर और लक्षमण की भूमिका हिमांशु फतेहपुर ने निभाई। मनोज अलोना, श्रीमती प्रियंका श्रीवास्तव, दिलीप अवस्थी, कामता प्रसाद तिवारी, राममिलन तिवारी, प्रेम किशोर श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, शैलेंद्र सिंह चैहान आदि भी शामिल रहे। इधर, रामलीला मंचन के बाद रविवार की दोपहर को संकट मोचन मंदिर परिसर में ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम आयोजन महंत उमाशंकर दास जी, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, धर्मेद्र त्रिपाठी, राजेंद्र त्रिपाठी, जयराम सिंह चंदेल आदि की देखरेख में हुआ। 

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