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वृद्धाश्रम में शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया

मानसिक स्वास्थ्य इकाई टीम ने 32 बुजुर्गों का किया परीक्षण

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंर्तगत शनिवार को जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई की टीम ने राठ रोड स्थित वृद्धा आश्रम मानसिक स्वास्थ शिविर का आयोजन किया। इस अवसर पर वृद्धाआश्रम के 32 बुजुर्गों को जांच कर उनका इलाज किया गया और फल भी बांटे गए। 
मनोरोग विशेषज्ञ डा. तारा शहजानंद ने वृद्धाश्रम के प्रबंधक रमेश सिंह भदौरिया को निर्देश देते हुए कहा कि जिन बुजुर्गों में मानसिक रोग के लक्षण मिले है, उन्हें सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को जिला अस्पताल में भेजें। उन्होंने कहा कि कि नींद ना आना, अवसाद, चिंता, सिरदर्द याददाश्त की कमी जैसे बीमारियां बढ़ रही है।


इसका कारण मानसिक तनाव है। यदि समय रहते इनका इलाज कराया जाए तो ये बीमारी ठीक भी हो जाती है। उन्होंने कहा कि भरपूर नींद और संयमित भोजन से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके अलावा अपने आसपास का माहौल भी ऐसा होना चाहिए ताकि व्यक्ति ज्यादा परेशान न हो। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति को उतना ही कामकरना चाहिए  चाहिए, जितना वह कर सके। ज्यादा काम करने से भी व्यक्ति मानसिक रुप से परेशान हो जाता है। जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट अर्चना विश्वास ने वृद्धजनों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण (आइक्यू) परीक्षण किया। आकांक्षा ने सभी का ब्लड प्रेशर चेक किया। कम्युनिटी नर्स सूर्यवीर शाक्य ने दवा वितरण की गई। वृद्धाश्रम के प्रबंधक रमेश सिंह भदौरिया ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के कार्य की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

मानसिक रोगी के लक्षण

  1. नींद ना आना
  2. आत्महत्या के विचार मन में आना
  3. किसी काम में मन नहीं लगना
  4. ज्यादातर एकांत में रहना आदि हैं

मानसिक बीमारियों से बचने के लिए जरूरी 

  1. जीवन शैली व्यवस्थित रखें 
  2. समय पर भोजन करें
  3. समय पर आराम करें 
  4. पर्याप्त नींद लें 
  5. नियमित व्यायाम करें

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