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कलेक्ट्रेट में दिल का दौरा पड़ने किसान अचेत


  • सीएमओ और महिला व पुरुष अस्पताल के सीएमएस मौके पर पहुंचे 
  • ट्रामा सेंटर में कराया गया भर्ती, हालत बनी गंभीर 


कलेक्ट्रेट में अचेत पड़े किसान को उठाते हुए लोग व किसान को ट्रामा सेंटर ले जाते सीएमओ व अन्य 

बांदा। चकबंदी अधिकारियों की लापरवाही की बदौलत एक किसान किसान जीवन और मौत से जूझ रहा है। चकबंदी के दौरान उसका निजी ट्यूबेवल और कुछ जमीन भाई को चक बनाकर आवंटित कर दिए जाने से परेशान किसान मंगलवार को कलेक्ट्रेट डीएम से फरियाद सुनाने आया था। लेकिन कोई अधिकारी उसे नहीं मिला और किसान कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर जा पहुंचा। वहां पर उसे दिल का दौरा पड़ गया। इससे कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सीएमओ और जिला पुरुष व महिला अस्पताल की सीएमएस मौके पर पहुंची। डीएम स्कार्ट की जीप से किसान को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहां उसका उपचार किया जा रहा है, लेकिन हालत गंभीर बनी हुई है। 


मालुम हो कि सदर तहसील क्षेत्र के कमनौड़ी गांव निवासी किसान मातादीन (50) पुत्र शिवलाल के पास तीन बीघा जमीन बताई गई है। उस तीन बीघा जमीन में वह खेती-किसानी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उसने खेती-किसानी के लिए अपने गाटा संख्या में निजी ट्यूबवेल लगवाया था और खेती-किसानी कर रहा था। लेकिन चकबंदी प्रक्रिया के दौरान चकबंदी अधिकारी ने उक्त गाटा संख्या से ट्यूबवेल हटाकर चक काट दिया। किसान का निजी ट्यूबेवल और उसकी कुछ जमीन चकबंदी के दौरान उसके भाई को दे दी गई। इससे किसान परेशान हो गया। उसने कई बार चकबंदी अधिकारी से बातचीत की और मामले से अवगत कराया, लेकिन चकबंदी अधिकारी उसकी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं हुआ। अपनी समस्या का समाधान कराने के लिए किसान मातादीन अपनी पत्नी के साथ मंगलवार को कलेक्ट्रेट जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या समाधान कराने की मांग करने आया था। उस दौरान जिलाधिकारी हीरालाल कलेक्ट्रेट सभागार में मीटिंग ले रहे थे। इधर, किसान काफी देर से अधिकारियों के आने का इंतजार कर रहा था। जब काफी देर तक अधिकारी नहीं आए तो किसान अपनी पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट के अंदर सभागार के पास जा पहुंचा। वह अधिकारियों का इंतजार ही कर रहा था किसान को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। किसान कलेक्ट्रेट परिसर में ही अचेत होकर गिर गया। साथ में मौजूद किसान की पत्नी से गुहार लगाई तो कलेक्ट्रेट में मौजूद सिपाही मौके पर पहुंचे और किसान मातादीन को उठाया। अधिकारियों की सूचना देने पर सीएमओ डा. संतोष कुमार, सीएमएस जिला पुरुष अस्पताल संपूर्णानंद मिश्र और सीएमएस महिला अस्पताल डा. ऊषा सिंह मौके पर पहुंची और किसान मातादीन की हालत देखी। इसके बाद जिलाधिकारी स्कार्ट की गाड़ी में लादकर किसान को ट्रामा सेंटर लाया गया, वहां पर उसका उपचार तो किया जा रहा है लेकिन किसान की हालत गंभीर बनी हुई है। किसान की पत्नी ने बिलखते हुए बताया कि चकबंदी अधिकारी की लापरवाही के कारण उनकी जमीन और निजी ट्यूबवेल चकबंदी के दौरान किसान मातादीन के भाई को दे दिया गया है। ऐसे में किसान बहुत ही परेशान है। इधर, सूत्रों ने दावा किया है कि जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मातहत अधिकारियों को जल्द से जल्द इस मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। चकबंदी के दौरान जो भी गलतियां हुई हैं, उसे तत्काल दुरुस्त करते हुए किसान का निजी नलकूप और उसकी जमीन उसे वापस दिए जाने की बात जिलाधिकारी ने कही है। 

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