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रेल इलेक्ट्रिक ओएचई ओवरब्रिज में छूने से हडकंप

आटोकट प्रणाली से टला बड़ा हादसा
विलंब से गंतव्य तक पहुंची ट्रेनें

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। चित्रकूटधाम रेलवे स्टेशन में अचानक इलेक्ट्रिक रेल लाइन के 25 हजार केवीए की ओवर हेड इक्यूवमेंट (ओएचई) तार लूजिंग के चलते फुटओवरब्रिज में छूने से हडकंप मच गया। गनीमत यह रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। हालाकि आटोकट प्रणाली के चलते विद्युत प्रवाह ठप हेो गया। जिससे दोनो रूटों की ट्रेनों का आवागमन थम गया। आनन-फानन आरपीएफ व जीआरपी ने यात्रियों को रोक दिया। सूचना पर पहुंचे इंजीनियरों ने इलेक्ट्रिक लाइन दुरुस्त किया है।



ये मामला तड़के लगभग साढ़े तीन बजे का है। बताया गया कि हालही में चालू हुई इलेक्ट्रिक रेल सेवा के लिए लगी ओएचई में कई बार बंदरो के झूलने से अचानक ढीली होकर फुट ओवरब्रिज में छू रही थी। हालाकि इस दौरान ब्रिज में कोई यात्री मौजूद नहीं था। जिससे कोई हताहत नहीं हुआ और बडी दुर्घटना टल गई। पावर ट्रिपिंग के चलते आटोकट प्रणाली होने से विद्युत प्रवाह कुछ ही सेकेण्ड में ठप हो गया। स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्टेशन प्रबंधक आरसी यादव व सहायक स्टेशन मास्टर आरपी पासवान के सूचना पर आरपीएफ व जीआरपी ने सतर्कता दिखाते हुए परिसर में मौजूद यात्रियों को आने-जाने से रोक दिया। जिससे इलेक्ट्रिक व्यवस्था ठप होने से बांदा की ओर से आ रही बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस बदौसा रेलवे स्टेशन में खड़ी ेहो गई। मानिकपुर की तरफ से आने वाली झांसी पैसेंजर भी रूकने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बताया गया कि लगभग डेढ़ घंटे बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस, एक घंटे महाकौशल एक्सप्रेस व झांसी पैसेंजर दो घंटे प्रभावित रही। सूचना पर पहुंची इंजीनियरों की टीम ने मरम्मत कार्य शुरू कर लगभग दो घंटे में लाइन चालू किया। जिससे रूकी ट्रेने विलंब से गंतव्य की ओर रवाना हो सकी। 


ओएचई ढीली होना संदेह के घेरे में

चित्रकूट। हालही में चालू हुई इलेक्ट्रिक रेल सेवा की ओएचई ब्रिज में छूने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का मानना है कि इलेक्ट्रिक तार में इतना करंट होता है कि किसी को हताहत होने में चंद सेकेण्ड ही लगे। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइन खींची जाती है। आखिर किन कारणों से तार टूटी होगी यह प्रश्न चिन्ह बना है।

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