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Wednesday, December 25, 2019

शिक्षकों के निलंबन बहाली के खेल में बीएसए निलंबित

लंबे समय से चल रहा था अनियमितताआंे का खेल
शासन की कार्यवाही से कार्यालय में मचा हड़कंप

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश शाही द्वारा जनपद में शिक्षकों के निलंबन से लेकर बहाली करने में शासन की नीतियों की धज्जियां उड़ाते हुये स्वेच्छाचारिता पूर्ण तरीके से कार्य करने के मामले को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) झांसी मंडल झांसी द्वारा उपलब्ध करायी गयी आख्या का शासन ने संज्ञान लेते हुये बीएसए जालौन को तत्काल प्रभाव से निलंबन कर उनकी संदिग्ध कार्यप्रणाली की जांच कराने के निर्देश जारी कर दिये।
गौरतलब हो कि बीएसए राजेश शाही ने जनपद जालौन में वर्ष 2017 से अगस्त 2019 तक विभिन्न विकासखंडांे में तैनात 73 प्रधानाध्यापकों व सहायक शिक्षकों को निलंबित किया गया जिसमें वर्ष 2017 में 13,
राजेश शाही।
वर्ष 2018 में 34 तथा वर्ष 2019 में 26 शिक्षकों को निलंबित किया गया था। इस तरह से कुल 73 निलंबित शिक्षकों में से महज 11 शिक्षकों को छोड़कर 62 शिक्षकों को विभिन्न अवधियों में बहाल कर दिया गया था। उक्त बहाल किये गये 62 शिक्षकों में से 36 शिक्षकों को बगैर किसी दंड के बहाल किया गया था। जबकि 23 शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि तथा 3 की अस्थायी वेतनवृद्धि अवरुद्ध करते हुये बहाल किया गया था। हैरानी की बात तो यह है कि कतिपय शिक्षकों की निलंबन से बहाली दो माह से कम समय में बगैर किसी दंड से की गयी थी। निलंबित किये गये शिक्षकों में से वर्ष 2018 में कुल 25 एवं वर्ष 2019 में कुल 20 अर्थात कुल 45 शिक्षकों को निलंबन से सेवा में बहाल करते हुये उनके निलंबन के समय तैनाती के विद्यालय के स्थान पर दूसरे विद्यालयों में तैनाती प्रदान की गयी थी। उक्त तैनाती के समय 34 शिक्षकों के तो विकासखंड को भी परिवर्तित कर दिया गया था। जिससे स्पष्ट होता है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश शाही ने शिक्षकों के स्थानांतरण संबंध में अपने स्तर से एक नई व्यवस्था प्रारंभ करते हुये पहले शिक्षकों को निलंबित किया बाद में उन्हें बगैर किसी दंड अथवा सामान्य दंड देते हुये उनकी बहाली की तो उनके विद्यालयों में परिवर्तन कर दिया गया। जो निलंबन/बहली के संबंध में की गयी कार्यवाही को शासन ने अत्यंत गंभीर मानते हुये उनकी संदिग्ध कार्यप्रणाली को देखते हुये उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुये उन्हें शिक्षा निदेशक (बेसिक) उप्र शिविर कार्यालय निशातगंज लखनऊ से संबद्ध किया गया है। साथ ही समूचे मामले की जांच मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक चित्रकूट मंडल, चित्रकूट को पदेन जांच अधिकारी नामित किये जाने की राज्यपाल महोदया द्वारा स्वीकृति प्रदान की है। इसी के साथ बीएसए द्वारा शिक्षकों के निलंबन से लेकर बहाली करने में जो कटमनी का खेल खेला जा रहा था उस पर विराम लग गया है।

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