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नहीं शांत हो रही आक्रोश की आग, हर तरफ बलात्कारियों को फाँसी की माँग .....

हैदराबाद पुलिस द्वारा दोषियों के एनकाउंटर की खबर से कुछ शांत हुआ था माहौल ,, उन्नाव पीड़िता की मौत ने फिर ज्वलंत किया मुद्दा

कानपुर महानगर। (सर्वोत्तम तिवारी) महिलाओं के साथ हो रही बलात्कार और हत्या जैसी जघन्य अपराधों वाली घटनाओं से समूचा देश शर्मशार है। हर तरफ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही और पीड़िताओं को न्याय की गुहार लगाई जा रही है। हाल ही में हुई कई घटनाओं में महिलाओं के साथ -साथ पुरुष वर्ग भी आक्रोशित है। मुद्दा इतना ज्वलंत हो चुका है कि हर कोई विरोध प्रदर्शन, धरना और आक्रोश जुलूस निकालकर आरोपियों को सजा-ए-मौत और पीड़ित परिवार को न्याय की लड़ाई लड़ रहा है ,, फिर चाहें वो राजनैतिक पार्टियाँ हों या स्वयंसेवी संस्थायें ,, नारी शक्ति हो या पुरुष समाज! सभी की एक स्वर में एक ही माँग कि बलात्कार और हत्या की घटनाओं में आरोपियों को फाँसी दो। हैदराबाद में महिला चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म और जिंदा जलाकर हत्या किये जाने वाली घटना से समूचा देश आक्रोशित था ,, जिसमें सरकारी मशीनरी पर भी कड़ा

कानून बनाकर दोषियों को सख्त सजा न देने पर उंगली उठ रही थी। इसी बीच उक्त घटना के आरोपियों को स्थानीय पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मार गिराये जाने की खबर से आंदोलित लोग कुछ नरम पड़ गये। हर तरफ कुछ नरमी के साथ लोगों का ध्यान धरना और विरोध प्रदर्शनों से हट गया लेकिन महज कुछ घंटो बाद ही उन्नाव की बेटी के निधन की सूचना से माहौल फिर गमगीन हो गया। और अगले ही दिन उन्नाव की घटना के साथ -साथ निर्भया कांड सहित अन्य लंबित बलात्कार की घटनाओं के दोषियों को त्वरित फाँसी की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये।

आंदोलित लोगों की तरफ से नजीर पेश की जाने लगी कि कानून बने या न बने ,, फाँसी की सजा हो या न हो! निर्भया और उन्नाव की बेटी के साथ दरिंदगी करने वाले दोषियों को हैदराबाद के हैवानों की तरह एनकाउंटर किया जाये।

इसी आक्रोश की कड़ी में आज 08/12/2019 को नारी शक्ति वूमैन एम्पॉवर सामाजिक संस्था द्वारा नारी श्रृंखला बनाकर देश में हो रहे दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर मामलों में कड़े कानून बनाने व दोषियों को मौत की सज़ा दिये जाने की माँग की गई। इस दौरान संस्था की फाउंडर/अध्यक्ष कविता दीक्षित ने कहा कि आज अपने ही देश में महिलायें सुरक्षित नहीं हैं। विगत दिनों हुई बलात्कार और हत्या की घटनाओं से देश में हाहाकार मंचा है। उन्होंने कहा कि ऐसी ह्रदय विदारक घटनाओं से जहाँ मन दुःखी होता है, वहीं ऐसे मामलों में न्याय न मिलने से समस्त महिला शक्ति की भावनायें भी आहत होती हैं। हम सरकार से माँग करते हैं कि महिलाओं के साथ हुई बलात्कार की घटनाओं में देरी न करते हुये दोषियों को फाँसी देकर पीड़ित परिवारों को न्याय दे।
संस्था की कोषाध्यक्ष मोनिका सविता ने कहा कि देश की बहन बेटियों के साथ निंदनीय घटनायें और उनमें कोई कार्यवाही नहीं ,, इससे ज्यादा शर्मनाक बात क्या होगी। हम महिला सुरक्षा की दृष्टि से सरकार से माँग करते हैं कि ऐसी घटनाओं पर रोंक लगाने के लिये कानून में बदलाव या नया कानून बनाकर दोषियों को सजा-ए-मौत दे। उन्होंने कहा कि फाँसी जैसी कठोर कार्यवाही से अपराधियों में खौफ़ होगा, और महिलायें भयमुक्त वातावरण में में जी सकेंगी। आइडियल इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर/समाजसेविका डॉ. अनुपम देशवाल ने कहा कि जिम्मेदारों को उन्नाव की पीड़िता को न्याय और उसकी आत्मा की शांति के लिये उक्त घटना के आरोपियों को भी हैदराबाद जैसी सजा देनी चाहिये। कानूनी लचर रवैये से हम नारी शक्ति में रोष व्याप्त है, हम महिलाओं को अपने हक और न्याय की लड़ाई आज सड़कों पर उतरकर खुद ही लड़नी पड़ रही है। उन्होंने ने सख्त लहजे में कहा कि भारत वर्ष में नारी को देवी की संज्ञा दी जाती है लेकिन देश में बढ़ रही महिला अपराध की घटनाओं को देखते हुये आज की नारी को देवी नहीं, गुनाहगारों को अपने हाँथों त्वरित सजा देने वाली फूलनदेवी बनने की आवश्यकता है।

सुरभि द्विवेदी ने कहा कि आज समाज को अपने बच्चों को संस्कारित बनाने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कहावत है कि एक पुरुष को बनाने और आगे बढ़ाने में एक स्त्री का हाँथ होता है, आज उसी पुरुष प्रधान देश में स्त्रियों की ऐसी हालत कि अपने ही न्याय के लिये सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, इससे ज्यादा शर्मिंदगी की बात और क्या होगी। उनकी माँग थी जिम्मेदारों द्वारा महिला अपराध पर कड़े कानून बनाकर अतिशीघ्र बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाई जाये। दौरान प्रमुख रूप से संस्था की फाउंडर कविता दीक्षित, वरिष्ठ समाजसेविका कृष्णा शर्मा, समाजसेविका डॉ. बिंदु सिंह, समाजसेविका दीप्ति सिंह (एडवोकेट), संस्था की कोषाध्यक्ष मोनिका सविता, सुरभि द्विवेदी, प्रभा पांडेय, प्रगति शर्मा, रेणु वर्मा, सुनीता चौधरी, लोकप्रिय समाजसेवी अनिल जैन, तनुज पंकज, डॉ. अनुपम देशपाल, संगीता, पिंकी, सौम्या, मनीषा गुप्ता, संध्या शर्मा, पूनम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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