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गुस्साए ग्रामीणों ने अन्ना गौवंशों को स्कूल में बंद किया

बाधित रहा शिक्षण कार्य
तहसीलदार, बीडीओ के आश्वासन पर शांत हुए ग्रामीण

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। अन्ना गौवंशों से परेशान किसानों ने एकत्र किए गए जानवरों को स्कूल में बंद कर दिया। सूचना मिलते ही तहसीलदार, बीडीओ ने मौके पर जाकर ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए अन्ना जानवरों को अस्थाई गौशाला भेजा। इसके बाद शिक्षण कार्य प्रारंभ हुआ। 
सदर ब्लाक अंतर्गत ग्राम बारामाफी में अन्ना जानवरों से परेशान किसानों ने मंगलवार की सुबह गांव में घूम रहे आवारा गौवंशों को एकत्र कर प्राथमिक विद्यालय मेें कैद कर दिया। जब गांव के छात्र स्कूल पहुंचे तो परिसर में अन्ना जानवरों को देखा। कुछ देर में शिक्षक भी पहुंच गए और मामले से विभागीय अधिकारियों समेत
उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इस पर तहसीलदार व बीडीओ ने मौके जाकर ग्रामीणों को समझाया। गांव में गौशाला सुचारू रूप से संचालित कराने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। किसी तरह अन्ना जानवरों को स्कूल से हटाकर अस्थाई गौशाला भेजा गया। इसके बाद शिक्षण कार्य प्रारंभ हुआ। किसानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम प्रधान व सचिव ने गौशाला में चारा-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं कराई। जिसके चलते रात्रि में गौशाला से अन्ना जानवरों को छोड दिया जाता है जो खेतों में खडी फसल चट कर रहे हैं। रबी बुआई पर भी इसके गंभीर असर होंगें। ऐसे में किसानों के सामने भुखमरी का संकट खडा हो जाएगा। बताया कि फसल नुकसान का मुआवजा नहीं मिला है। इस संबंध में कई बार तहसील दिवस समेत अधिकारियों को पत्र सौपे जा चुके हैं, किन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में तहसीलदार दिलीप कुमार ने बताया कि जानवरों को स्कूल से निकलवा कर अस्थाई गौशाला पहुंचाया गया है। ग्राम में भूमि चिन्हित कर स्थाई गौशाला निर्माण के निर्देश भी दिए हैं। प्रधान के खिलाफ कार्यवाही के लिए पत्र लिखा है।

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