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खनन घोटाले की जांच को एक बार फिर जनपद आयी सीबीआई

सपा शासन काल के दौरान अनियमित तरीके से किया गया अवैध खनन
सीबीआई की टीम पहुंचते ही सफेदपोशों की उड़ी नीन्द

फतेहपुर, शमशाद खान । समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान हुए खनन घोटाले की जांच में लगी सीबीआई की टीम एक बार फिर जनपद पहुंच कर खनन सिंडिकेट की पड़ताल में जुट गयी। 2012 से 2014 के बीच सपा शासनकाल मे मोरंग के अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 2017 में जांच शुरू की गयी थी। जांच का दायरा बढ़ने पर तत्कालीन जिलाधिकारी अभय सिंह व तत्कालीन खनन अधिकारी समेत पट्टाधारको के विरुद्ध सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गयी है। जांच के लिये तीन सदस्यीय सीबीआई की टीम लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले पहुँची और एक बार फिर से पूर्व के पट्टाधारको
निरीक्षण भवन से निकलती सीबीआई टीम।
के अलावा खनन अधिकारी मिथलेश पाण्डेय से खनन से जुड़े दस्तावेजों को माँगाकर पड़ताल के जुट गयी। सीबीआई की टीम के एक बार फिर जनपद पहुंचने पर पट्टाधारकों व खनन से जुड़े लोगों की सांसें ऊपर नीचे होना शुरू हो गयी। करोड़ो रूपये के खनन घोटाले में पट्टाधारको के साथ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सिंडिकेट द्वारा जमकर अवैध रूप से लाल सोने का काला कारोबार किया गया व चहेतो को लाभ पहुंचाया गया था। सीबीआई जाँच का जिन्न एक बार फिर से निकलने में माफियाओ के होश उड़े हुए नजर आ रहे है। इस बार सीबीआई के राडार पर खनन के कार्यो में पूरी तरह व आंशिक रूप से जुड़े लोग भी आ चुके है। सीबीआई जांच में खनन के काले कारोबार में सिंडिकेट का हाथ होना भी जग जाहिर हो चुका है। जबकि अवैध तरीके से चहेतो को पट्टा देने के साथ ही अनियमित तरीको से खनन किया जाने की जांच शामिल है। जानकारों की माने तो सीबीआई जांच में तत्कालीन खनन अधिकारी, खदान के पट्टाधारको के अलावा राजस्व विभाग के अफसरों, प्रशासनिक सिंडिकेट समेत कई सफेद पोशों के नाम शामिल है। जिनसे सीबीआई की टीम द्वारा जांच पड़ताल की जा सकती है।

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