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प्लास्टिक को करें बाय-बाय, मिट्टी के बर्तन अपनाएं

प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी ने लोगों से किया आवाहन 
कुम्हारीकला से जुड़े लोगों के हालात भी सुधरेंगे 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । प्लास्टिक के बर्तन बहुत ही नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए इनका इस्तेमाल करना बंद करें। मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करें, जिससे न सिर्फ भोजन स्वादिष्ट बनेगा बल्कि सेहत भी सुधरेगी। यह बात जिलाधिकारी हीरालाल ने सदर तहसील में शुक्रवार को मीडिया से रूबरू होते हुए कही। उन्होंने तहसील में लगाई गई मिट्टी के बर्तनों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और जमकर सराहना की। 
जिलाधिकारी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करने की अपील लोगों से की है। कहा कि भोजन

मीडिया से रूबरू जिलाधिकारी हीरालाल (बीच में)
स्वादिष्ट बनेगा और सेहत में भी सुधार आएगा। इसके साथ ही कुम्हारी कला से जुड़े लोगों के हालात में भी सुधार होगा। प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत जिलाधिकारी ने सदर तहसील में मिट्टी के बर्तनों की लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। डीएम ने कहा कि मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने व खाने से भोजन का स्वाद बेहतर हो जाता है और मिट्टी के बर्तनों में पके भोजन में पोषक तत्व भी मिल जाते हैं। जिलातिधकारी ने कहा कि कुम्हारीकला से जुड़े लोग अभी स्थानीय स्तर पर मिट्टी के बर्तनों की अधिक डिमांड न होने के कारण तमाम समस्याओं से ग्रसित हैं, लेकिन मिट्टी के बर्तनों की डिमांड होने पर कुम्हारीकला से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और उनकी समस्याओं का समाधान भी होगा। इसके अलावा जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील और जिला स्तर पर भी बैठक करके कुम्हारीकला से जुड़े लोगों की समस्याओं के निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। जिलाधिकारी के प्रयास से झांसी की अमृत माटी इंडिया की ओर से प्रदर्शन लगाई गई है, जिसमें मिट्टी के आर्षक बर्तनों की बिक्री की जा रही है। प्रदर्शनी में मिलने वाले बर्तनों की कीमत 100 रुपए से लेकर 700 रुपए तक बताई गई है। इधर, जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी 26 नवंबर से प्रत्येक सप्ताह केन नदी में जल आरती की जाएगी। चित्रकूट की मंदाकिनी नदी की तरह अब केन नदी में भी नौका विहार की व्यवस्था की जा रही है। 

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