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पीड़ितों की मदद नैतिक कर्तव्य समझें पैरोकार: एसपी

स्थानान्तरित विवेचकों को एक ही तारीख में बुलाने का हो प्रयास
गवाहो की पेशी के पूर्व थानाध्यक्ष को दें जानकारी

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल की अध्यक्षता में जनपद के समस्त कोर्ट मोहर्रिर तथा थानों के पैरोकारों के साथ गोष्ठी संपन्न हुई। इस दौरान उन्होंने विधिवत जानकारी कर दिशा-निर्देश दिये है।
एसपी ने समस्यायें और पैरवी कार्य को बेहतर करने के सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि मुकदमों के गवाहों से सम्पर्क बनाकर रखे। जिससे मुकदमें की गवाही समय से हो सके। इस दौरान उन्होंने अच्छा कार्य करने वाले पैरोकारों को पुरस्कृत करने की घोषणा की। कहा कि पुलिस का कार्य अपराध प्रारम्भ होने से ही शुरू हो जाता
हैं। गम्भीर धाराओं के मुकदमों के वादी की तरह सोचें। जिससे उनको सही न्याय दिलाया जा सकें। धारा 376 व पॉक्सों एक्ट के मुकदमों में संवेदनशील होने की आवश्यकता हैं। किसी भी मुकदमें में पीड़ित को न्याय दिलाने में बहुत अच्छा एहसास होता हैं। समाज में जो पीड़ित व्यक्ति हैं उनकी मदद करना नैतिक कर्तव्य हैं। पीड़ित, पुलिस और न्यायालय को समन्वय बैठाकर कार्य करने की आवश्यकता हैं। पैरोकार एवं थाना प्रभारी सम्पर्क करें कि कोई भी गवाह छूटने न पाए। थानों के पैरोकार प्रतिदिन अपने थाना प्रभारी से अवश्य मिले। कितने गवाह है, कौन-कौन आता है, कितने सम्मन तामील हुए हैं आदि की जानकारी करें। गवाह समय अधिक होने के बाद आ जाते है इसलिए उनसे समन्वय बनाकर रखें। चिन्हित अपराधों की सूची ले और यह सुनिश्चित कराये कि कितने गवाह हैं। मुख्य गवाहों की पेशी से एक दिन पहले थाना प्रभारी को अवश्य बतायें। ताकि थाना प्रभारी गवाह को बुलाकर उससे बात कर सकें। कोर्ट मोहर्रिर और थानों के पैरोकार आपस में समन्वय बनाकर रखें। पैरोकार मुकदमों की प्रगति जीडी में अंकित करायें। कहा कि अधिक से अधिक मुकदमों में सजा दिलायें जो जितना अच्छा कार्य करेगा उसे पुरस्कृत किया जाएगा। सभी कोर्ट मोहर्रिर प्रयास करें कि जो विवेचक जनपद से बाहर स्थानांतरण पर जा चुके हैं उन्हें सभी मुकदमों की गवाही के लिए एक ही तारीख में बुलायें। गोष्ठी में आरआई रमाशंकर प्रसाद, प्रभारी डीसीआरबी मान सिंह, पीआरओ वीरेन्द्र त्रिपाठी, वाचक शिवबदन सिंह एवं समस्त कोर्ट मोहर्रिर तथा थानों के पैरोकारों उपस्थित रहे।

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