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ऐर के आधा दर्जन किसानों की फसलों को आबारा पशुओं ने बनाया पेट का निबाला

आक्रोशित किसानों ने गांव के स्टैंड पर जाम लगा की नारेबाजी
जिला प्रशासन से फसल नुकसान का मांगा मुआवजा

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । आबारा पशुओं की समस्या से जनपद के लगभग हर गांव के किसान परेशान नजर आ रहे हैं। लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान न हो पाने से ऐसे आबारा पशुओं के झुंड अब बमुश्किल खेतों की बुबाई करने वाले किसानों की फसलों को ही अपना पेट का निबाला बनाते देखे जा रहे हैं। बीती रात उरई तहसील क्षेत्र के ग्राम ऐर के आधा दर्जन गरीब किसानों के खेतों की लहलहाती फसलों को आबारा जानवरों द्वारा चर लिये जाने से आक्रोशित किसानों ने गांव के ही स्टैंड पर जाम लगाकर नारेबाजी करते हुये फसल नुकसान का मुआवजा मांगा।
उल्लेखनीय हो कि ग्राम पंचायत ऐर में अब तक अस्थायी या स्थाई गौशाला का प्रबंधन न होने से उसका खामियाजा गांव के गरीब किसानों को भुगतना पड़ रहा है। कहने के लिये जिला प्रशासन एक ओर जहां गांवों में स्थायी या अस्थायी गौशालाओं का इंतजाम करने के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद कर चुकी है लेकिन इसके बावजूद भी आबारा पशुओं की समस्या से किसानों को निजात मिलती नहीं दिख रही है। बीती रात ग्राम ऐर

निवासी किसान गुलाब पुत्र नत्थू, बृजेंद्र पुत्र बदलू, शिवकुमार पुत्र हरी सिंह, धीरू, श्यामकरन, झल्लू खां पुत्र शेर खां आदि के खेतों में लहलहाती मटर की फसल को आबारा गौवंशजों ने अपने पेट का निबाला बना लिया। ऐसी स्थिति में गांव के ऐसे किसान गहरे सदमे में बताये जा रहे हैं। फसलों को आबारा गौवंशजों द्वारा नष्ट किये जाने के विरोध में गांव के ही किसान लाखन पुत्र चिंटे, काजू लंबरदार पुत्र भगवान सिंह, राजेश पुत्र भगवान सिंह, भूपेंद्र पुत्र लक्ष्मी, ब्रह्मस्वरूप नेता पुत्र ओम नेता, सुनील पुत्र खेमचंद्र, मेहरबान वर्मा, वीरेश पुत्र शिवकुमार, हीरो पुत्र रामप्रकाश लोधी, रामसिंह परिहार पुत्र श्रीपत, सूबे पुत्र बाबू श्रीवास, अनिल पुत्र पगन, रामस्वरूप पुत्र लालबहादुर, हाफिज जी मल्लू खां, मुन्नी लाल पुत्र हरी सिंह लोधी, जहानी खान पुत्र पीरवख्श, रामऔतार बापू पुत्र महेंद्र, डाक्टर पुत्र उदयराज लोधी आदि ने गांव के बस स्टैंड पर जाम लगाकर नारेबाजी कर आवागमन को अवरुद्ध किया। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान जुझार सिंह राजपूत ने आक्रोशित किसानों को समझा बुझाकर उन्हें शांत कराया और जाम खुलवाया। किसान इस शर्त के साथ जाम खोलने को तैयार हुये कि उनकी फसलें आबारा गौवंशजों द्वारा नष्ट किये जाने पर मुआवजा दिलाने की मांग जिले के आला अधिकारियों के सम्मुख रखकर उनके साथ न्याय दिलाया जायेगा।

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