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देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
(वरिष्ठ पत्रकार)

भारत देश में यह सत्य है कि झूठ बोलने का  और कहने का तरीका इस तरह होता है कि जैसा आप सत्य कह रहे हैं, परंतु सत्य का दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं होता है। इसी क्रम में श्री रामचंद्र जी की जन्म भूमि के निर्णय पर जो लोग आज विरोध कर रहे हैं,वह सब देश के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय मानने की बात पूर्व में कहते चले आए हैं।जब निर्णय आया उसके बाद बहुत लोगों की राजनीति का हिस्सा अयोध्या श्री राम जन्म भूम रही वह मुद्दा खत्म होने से उन्हें परेशानी बढ़ गई है। अब क्या करें और निर्णय के विरोध में पुनर याचिका दायर करने की सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने याचिका दायर करने की बात की है, भारत देश की सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस माननीय रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवाद जमीन का असल मालिकाना हक श्री रामचंद्र जी का माना है तथा अपने निर्णय में मुख्य न्यायाधीश ने कहा तथा 3 माह के अंदर ट्रस्ट बना कर रूपरेखा तैयार की जाए तथा सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही 5

एकड़ भूमि सरकार को देने की बात निर्णय में की गई है।श्री रामचंद्र के निर्णय पर शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने मंदिर बनाए जाने पर ₹ इक्यावन हजार दान करने की बात कही है तथा शिया वक्फ बोर्ड ने कोर्ट के निर्णय का समर्थन किया है तथा वसीम रिजवी ने कहा है सर्वोच्च न्यायालय का फैसला जो आया है वही एक रास्ता था तथा निर्णय का सम्मान करना चाहिए एवं अलाउद्दीन  ओबीसी को आतंकवादी बगदादी की तुलना की तथा श्री राम मंदिर बनने का भव्य तैयारियां करने की बात कही है तथा रिजवी द्वारा श्री राम का व्याख्यान करते हुए कहा कि श्री राम जी मुसलमानों के पूर्वज थे रिजवी ने कहा राम मंदिर में पूरी मदद करने की बात भी कही है। श्री रिजवी ने अपना रिजवी ने कहा कि उन लोगों की राजनीति खत्म हो गई है वह लोग इसे मुद्दा बनाकर आगे लाना चाहते हैं। जिससे उनकी राजनीत समाप्त की स्थिति में चलती रहे।हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी कह रहे हैं मुझे मस्जिद वापस चाहिए हम सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय नहीं मानते हैं तथा अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं वैसे देखा जाए असदुद्दीन ओवैसी जाकिर नायक से कम नहीं है ओवैसी बल्कि उससे अधिक ही पाए जाएंगे इस देश में इतनी आजादी है विश्व में किसी देश में नहीं है जिसका कारण आप देख रहे हैं सुप्रीम कोर्ट को भी कुछ नहीं समझ रहे हैं इस तरह के लोग देश के लिए खतरा बने हैं और लचर नीति के कारण यह सांप से भी घातक बिचखोपड़ा है।  भारत की जनसंख्या भारत की जनसंख्या इतनी अधिक बढ़ रही है जिस तरह बढ़ रही है अगर बढ़ती रही तो स्थिति विकराल हो जाएगी इस पर सरकार को चाहिए जनसंख्या पर नियंत्रण करने हेतु कोई सख्त कानून बनाए, तथा वह दो बच्चे से अधिक उसे कानूनी तौर पर कोई मदद नहीं प्राप्त होगी, तथा शिक्षा के क्षेत्र में उसे कोई सुविधाएं नहीं मिलेंगी, स्कूल में एडमिशन नहीं होंगे ,और कोई कार्य नहीं मिलेगा ,कोई  सरकार की नीतियों पर उसका कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा, इस तरह की बहुत सख्त कानून सरकार बनाए तथा 2 बच्चों से अधिक होने पर उनके पिता को नौकरी में डिमोशन कर दिया जाएगा तथा पूरे जीवन कोई भी बढ़ोतरी नहीं होगी वेतन में और सरकारी लाभ पूरे परिवार को नहीं प्राप्त होगा  तथा पेंशन से वंचित कर दिया जाएगा इस तरह के सख्त कानून बनाए जाएं तभी जनसंख्या पर नियंत्रण संभव है। एक बार पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी ने जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए बहुत तेजी से कार्य किया था परंतु उनका तरीका थोड़ा सा देश को अच्छा नहीं लगा पकड़ पकड़ कर नसबंदी कराना शुरू कर दिया था लोगों में डर बैठ गया था वह स्थित ना बनाते हुए सरकार कानूनी तौर पर सख्त कदम उठाए हैं और उनको सरकारी लाभों से पूरे परिवार को वंचित करने का कार्य किया जाए। जिस तरह से भारत देश में जनसंख्या बढ़ रही है आज का समय संजय गांधी का समय कितना अंतर है उस समय संजय गांधी ने जनसंख्या पर नियंत्रण की सोच रखी थी तब से 42 साल हो गए हैं हिंदी आल इस साल में क्या स्थित होगी जब 42 साल पूर्व संजय गांधी ने जनसंख्या पर नियंत्रण की सोची थी। अब सरकार को हर हालत में जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए कानून बनाए, नहीं वह दिन दूर नहीं जब स्थित भारत की क्या होगी वह आपने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर देख ही लिया है। बहुत से देश है जहां पर जनसंख्या नियंत्रण कानून बना था जिसमें विश्व का बहुत ही नंबर वन पर जनसंख्या वाला देश चीन है वहां पर भी सख्त कानून बनाकर जनसंख्या पर नियंत्रण किया गया है। देश चाहती है भव्य श्रीराम के मंदिर का निर्माण. भारत देश के समस्त समुदाय के लोग चाहते हैं कि श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम कह जाते थे उन्हें टेंट में रखा गया है सभी चाहते हैं सभी धर्म जात के चाहते हैं कि भव्य मंदिर बने और राम जन्म भूम  बनने में अपना पूर्ण योगदान प्रदान करें। क्योंकि भगवान सभी के देश का सच्चा नागरिक चाहता है कि अमन चैन से हम सब आपस में रह सकें,जोलो पाकिस्तान के गुण गाते हैं पाकिस्तान का झंडा लहराते हैं भारत सरकार उनको सहन कैसे कर रही है। उन्हें तत्काल चौराहे पर खड़ा कर सेना के जवान गोलियों से छलनी करने का काम करें। इस देश में एक ही झंडा रहेगा वह है तिरंगा तिरंगे के आपमान भारत का  नागरिक सह नहीं सकता। जेएनयू दिल्ली में जो हुआ पहले कन्हैया कुमार उमर खालिद निकल कर आए थे अभी दो-तीन दिन पहले जो अंदर हुआ है और जेएनयू स्कूल विश्वविद्यालय नहीं लगता है वह आतंकवादियों का गढ़ है, सरकार को चाहिए वहां पर निगरानी रखने का काम करें और तथा जेएनयू के छात्रों को इस तरह के भाव पैदा जिसे आजादी चाहिए उन्हें स्कूल से आजाद कर चौराहे पर खड़ा कर उन्हें ऐसा सबक सिखाएं कोई दूसरा आजादी ना मान सकें।

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