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कूड़े के ढेर स्वच्छता अभियान की खोल रहे पोल

नगर पालिका प्रशासन गम्भीर नहीं, बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग 
प्रतिदिन साफ-सफाई न होने से शहरवासियों में नाराजगी व्याप्त 

फतेहपुर, शमशाद खान । देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन की पिछले कार्यकाल में ही शुरूआत की गयी थी और इस कार्य में देश का करोड़ों रूपया पानी की तरह बहाया भी गया। लेकिन सच्चाई सबके सामने हैं। आज भी शहर क्षेत्र के तमाम स्थानों पर लगे कूड़े के ढेर चीख-चीख कर स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहे हैं। जिला प्रशासन तो इस दिशा में गम्भीर दिख ही नहीं रहा साथ ही नगर पालिका प्रशासन भी आंखों में पट्टी बांधे हुए हैं। प्रतिदिन साफ-सफाई न होने से शहरवासियों को इस गम्भीर समस्या से निजात मिलती नहीं दिख रही है। लोगों के बीच जिला प्रशासन के साथ-साथ नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ बेहद नाराजगी व्याप्त है। इन कूड़े के ढेरों में पनपने वाले कीड़े-मकौड़े तरह-तरह की बीमारियों को जन्म दे रहे हैं। 

घोसियाना मुहल्ले में लगे कूड़े के ढेर का दृश्य। 
बताते चलें कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ था और देश की बागडोर नरेन्द्र मोदी ने संभाली थी। कुर्सी पर बैठने के साथ ही उन्होने कई अभियान शुरू हुए थे। जिसमें सबसे अहम अभियान स्वच्छता अभियान था। जो पूरे देश में युद्ध स्तर पर चलाया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ-साथ उनकी कैबिनेट के मंत्रियों व पूरे देश के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भी हाथों में झाडू लेकर इस अभियान को गति देने का काम किया था। समय-समय पर यह अभियान तेजी से चला लेकिन बीच-बीच में टांय-टांय फिस्स भी हुआ। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद भी इस अभियान को गति दी गयी थी। जिसके क्रम जिले में तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने जिले का कार्यभार ग्रहण करते ही स्वच्छता पर विशेष रूचि दिखाई थी। जिसके चलते जहां मार्गों में फैले अतिक्रमण को हटवाया तो वहीं स्वच्छता के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करवाये। जिसके तहत नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि हाजी रजा व बोर्ड के सदस्य प्रतिदिन साफ-सफाई का जायजा लेने के लिए सभी वार्डों में घूमे थे और नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को इस कार्य में किसी भी तरह की हीलाहवाली न बरतने की सख्त हिदायत दी गयी थी। जैसे-जैसे समय बीता वैसे-वैसे यह अभियान सुस्त हो गया। आज शहर क्षेत्र का आलम यह है कि जगह-जगह कूड़े के ढेर पूरा-पूरा दिन लगे रहते हैं। कुछ स्थान तो ऐसे हैं जहां कूड़ा सिर्फ डाला जाता है उसे उठाने की जेहमत सफाई कर्मचारी नहीं कर रहे हैं। इसकी जीती-जागती मिसाल ज्वालागंज चैराहे से घोसियाना मुहल्ला है। इस स्थान पर काबिज चट्टा संचालको को तत्कालीन जिलाधिकारी ने हटवाने का काम किया था और मैदान की साफ-सफाई करवायी थी। अब इस स्थान पर कूडे का ढेर लगा हुआ है। आस-पास के इलाके का कूड़ा लाकर सफाई कर्मी यहां डालने का काम कर रहे हैं। बारिश के मौसम में उठने वाली दुर्गन्ध से इलाके के लोग बेहद परेशान थे। कई बार नगर पालिका के सफाई विभाग से इस कूड़े को हटवाने की मांग की गयी लेकिन आज तक इसे हटवाया नहीं गया। इसके अलावा शहर के पीलू तले चैराहा, वर्मा चैराहा, पुरानी तहसील जीटी रोड, पथरकटा चैराहा-कचेहरी रोड, देवीगंज इलाकों में भी कूड़े के ढेर लगे हुए देखे जा सकते हैं। इस बाबत शहरवासियों का कहना रहा कि नगर पालिका प्रशासन ने सफाई अभियान में जनता का पैसा पानी की तरह बहाया। लेकिन शहर क्षेत्र के किसी भी इलाके में सफाई दिख नहीं रही है। प्रतिदिन कूड़े के ढेर न उठने व नालियों की साफ-सफाई न होने से तरह-तरह की बीमारियां जन्म ले रही हैं। जिसकी चपेट में आकर लोग बीमार हो रहे हैं। अस्पतालों में लगने वाली भीड़ इसका उदाहरण है। लोगों ने जिला प्रशासन के साथ-साथ नगर पालिका प्रशासन से इस दिशा में कार्य किये जाने की मांग की है। 

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