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बाल कविता बच्चों का विस्मयकारी खिलौना - प्रकाश मनु

शब्दम संस्था के  स्थापना दिवस पर हुआ  समारोह 

फ़िरोज़ाबाद, विकास पालीवाल  ।  शब्दम् का 15वां स्थापना दिवस समारोह हिन्द लैम्प्स स्थित संस्कृति भवन में आयोजित किया गया। शब्दम् संस्था अध्यक्ष किरण बजाज ने अपने संदेश में बालसाहित्यकार प्रकाश मनु का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बचपन से ही मैं ‘नंदन’ पत्रिका पढ़ती रही हूं। प्रकाश मनु  इस पत्रिका के संपादक रहे, साथ ही विभिन्न विधाओं में उनका विपुल लेखन देखकर आश्चर्य होता है।  दीपक औहरी ने पीपीटी के माध्यम से शब्दम् संस्था की गतिविधियों और विभिन्न क्षेत्रों में शब्दम् द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों का लेखा - जोखा प्रस्तुत किया।  कार्यक्रम के अध्यक्ष उदयप्रताप सिंह और सलाहकार समिति के सभी सदस्यों ने प्रकाश

मनु को शब्दम् संस्था की ओर से सम्मानित किया ।  साथ ही शब्दम् सलाहकार समिति के सभी सदस्यों को शब्दम् अध्यक्ष किरण बजाज की ओर से विशिष्ट सम्मान  श्रीफल, अंगवस्त्र, शाॅल तथा सम्मान राशि प्रदान की गई। सम्मानित होने वाले सदस्यों में शब्दम् के उपाध्यक्ष उदयप्रताप सिंह, उमाशंकर शर्मा, मंजर-उल वासै, डाॅ. धुवेंद्र भदौरिया, अरविन्द तिवारी, डाॅ. महेश आलोक, डाॅ. रजनी यादव व डाॅ. चन्द्रवीर जैन उपस्थित थे। 
     डाॅ. प्रकाश मनु ने समकालीन बाल कविता पर बोलते हुए कहा कि  बाल कविता को बच्चे पढते भी हैं और उससे खेलते भी हैं। बच्चों के लिए सबसे विस्मयकारी खिलौने का नाम बाल कविता है। कार्यक्रम के अध्यक्ष उदयप्रताप सिंह ने कहा कि बाल कविता, एकता और सहानभूति उत्पन्न करती हैं। संचालन डाॅ. महेश आलोक ने किया एवं डाॅ. रजनी यादव ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राम मनोहर अग्रवाल, अनिल उदित जैन, आर.सी. यादव, सुरेन्द्र सिंह यादव, शिवरतन सिंह, लक्ष्मीनारायण, हरीशंकर यादव, राधेश्याम यादव, आलोक आर्श, कृपाशंकर ‘शूल’ सहित अनेक साहित्यिक लोग उपस्थित रहे।  

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