शोपीस साबित हो रहा राजकीय बालिका इंटर कालेज जगम्मनपुर - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Tuesday, November 26, 2019

शोपीस साबित हो रहा राजकीय बालिका इंटर कालेज जगम्मनपुर

प्रधानाचार्या माह में एक-दो बार आकर लगाती हाजिरी
वर्ष 2019 में महज छह छात्राओं का हो सका पंजीयन

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । एक ओर जहां प्रदेश सरकार बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा को लेकर बेहद संजीदा नजर आ रही है तो वहीं दूसरी ओर जनपद में एक ऐसा राजकीय बालिका इंटर कालेज जगम्मनपुर है जहां महज 6 छात्राओं का पंजीयन होना बताया जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि इस कड़वी सच्चाई से शिक्षा महकमा के जिम्मेदार अधिकारी भी चुप्पी साधे हुये हैं।
उल्लेखनीय हो कि वर्ष 2008 में जनपद के बीहड़ांचल के ग्राम जगम्मनपुर में बालिकाओं को शिक्षित कराने की मंशा से करोड़ों रुपये की लागत से राजकीय बालिका इंटर कालेज के भवन का निर्माण कराया गया था। इसके बाद उक्त इंटर कालेज में प्रधानाध्यापिका सहित अन्य पांच लोगांे के स्टाफ की तैनाती की गयी। लेकिन प्रदेश सरकार ने जिस मंशा के साथ उक्त बालिका इंटर कालेज की स्थापना की थी उस पर अभी तक वहां का स्टाफ खरा नहीं उतर पाया। इंटर कालेज में तैनात स्टाफ की अनदेखी के चलते जहां इंटर कालेज परिसर में

गंदगी का अंबार लगा हुआ जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को भी ठेगा दिखा रहा है। इसके बावजूद भी शिक्षा महकमे के जिम्मेदार अधिकारी अनजान बने हुये हैं। उन्हें इस बात की रत्ती भर परवाह नहीं है कि कस्बा जगम्मनपुर के राजकीय बालिका इंटर कालेज में छात्राओं के नामांकन का क्या स्तर है। जब मीडिया टीम ने राजकीय बालिका इंटर कालेज जगम्मनपुर के बारे में तहकीकात की तो पता चला कि बालिका इंटर कालेज में इस वर्ष महज 6 छात्राओं का ही नामांकन है। जिसमें कक्षा 9 में 2, कक्षा 10 में दो व कक्षा 12 में दो छात्राओं का पंजीयन होना बताया। ताज्जुब की बात तो यह है कि उक्त इंटर कालेज में कक्षा 11 में एक भी छात्रा का पंजीयन नहीं है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि उक्त बालिका इंटर कालेज में प्रधानाचार्या रामदेवी की तैनाती है। जो माह में एक या दो बार ही अपने तैनाती बालिका इंटर कालेज में पहंुचकर महीने भर की हाजिरी लगाकर पूरे महीने की पगार ले रही है। इसके अलावा विद्यालय में वरिष्ठ लिपिक सहित पांच लोगों का स्टाफ है। जो आता जाता रहता है। जानकारी करने पर पता चला कि उक्त इंटर कालेज में जितना स्टाफ है उनके वेतन के नाम पर हर माह लगभग दो लाख 65 हजार रुपये खर्च किया जा रहा है। इसके बाद भी बीहड़ांचल की बेटियों व उनके अभिभावकों को इस बात के लिये प्रेरित नहीं किया गया कि वह अपनी बेटियों का प्रवेश राजकीय बालिका इंटर कालेज में कराये। तो उधर जनपद के शिक्षा महकमे के अधिकारी हमेशा बेटियों की शिक्षा के नाम पर हमेशा बढ़ चढ़कर दावा करते हैं क्या उनके वायदे खोखले साबित हो रहे। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त बालिका इंटर कालेज के संचालन के समय से ही विद्यालय स्टाफ द्वारा बालिकाओं के कालेज में प्रवेश कराने को लेकर कोई प्रयास ही नहीं किये गये। यही कारण है कि कस्बा के ज्यादातर लोगों को इस बात की जानकारी भी नहीं है कि उनके यहां भी कोई राजकीय बालिका इंटर कालेज है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages