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भू जल सर्वेक्षण व वर्षा जल संचयन की विभाग बनाये कार्ययोजना

हमीरपुर, महेश अवस्थी । जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में तकनीकी समन्वय समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण , वर्षा जल संचयन के लिए सभी संबंधित विभागों द्वारा कार्य योजना बनाकर तथा प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए । बुंदेलखंड के दृष्टिगत यह बहुत महत्वपूर्ण कार्य हैं इसमें शिथिलता न बरती जाए। ज्ञात हो कि इस साल की वर्षा में जनपद में लगभग 10 फुट जलस्तर बढ़ा है । जिलाधिकारी ने कहा कि कृषकों को ड्रिप व सिं्प्रकलर सिंचाई पद्धति अपनाकर कृषि कार्य किए जाने हेतु प्रोत्साहित किया जाए ।तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाए इसमें बड़े तालाबों  का जीर्णोद्धार प्राथमिकता के साथ किया जाए ।जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण, वाटर हार्वेसिं्टग का कार्य सभी विभाग समन्वय स्थापित करके करें ताकि किसी परियोजना का दोहराव ना हो । उन्होंने कहा कि

इसके अंतर्गत किए गए वृक्षारोपण में वृक्षों को जीवित रखने हेतु किये गए किये गए कार्य का विवरण दिया जाए।  कहा कि सोक पिट निर्माण ,चेक डैम निर्माण इत्यादि का कार्य किया जाए । शासन स्तर से जल संरक्षण के अंतर्गत कराये जाने वाले विभिन्न कार्यों  का  जो लक्ष्य प्राप्त हुआ है उसको समय से प्राप्त  किया जाए।  नहर संचालित किए जाने के पश्चात नहरों को कटान करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। भूगर्भ जल विभाग का जनपद में कोई स्टाफ न होने पर जिलाधिकारी ने इस संबंध में शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन व  जल संरक्षण की बैठक अति महत्वपूर्ण बैठक होती है अतः इसके सभी प्रोजेक्ट की संपूर्ण डिटेल लेकर पूर्ण कार्य योजना के साथ बैठकें आयोजित की जाएं इसमें पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन की भी व्यवस्था की जाए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, पीडी चित्रसेन सिंह, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई ,खंड विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, डीपीआरओ सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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