Latest News

राष्ट्रीय फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम का डीएम ने किया शुभारम्भ

छात्राओं को दवा खिलवा किया जागरूक 
दो वर्ष से कम बच्चों व गर्भवती महिलाओं को न दी जाये दवा- संजीव

फतेहपुर, शमशाद खान । शहर के आईटीआई रोड स्थित राजकीय बालिक इण्टर कालेज में सोमवार को राष्ट्रीय फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ जिलाधिकारी संजीव सिंह ने किया। उन्होने व सीडीओ ने स्वयं दवा खाये जाने के साथ-साथ छात्राओं को भी दवा खिलवायी। जिलाधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि फाइलेरिया जैसी गम्भीर बीमारी से बचने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। अपने आस-पास साफ-सफाई के अलावा अनावश्यक जलभराव न होने दें। गन्दगी में पनपने वाले मच्छर के काटने से ही यह गम्भीर बीमारी होती है। सीडीओ ने भी उपस्थित छात्राओं का आहवान किया कि प्रत्येक व्यक्ति इस अभियान में सहयोग प्रदान करे। 
छात्रा को दवा खिलाते जिलाधिकारी संजीव सिंह।  
उद्घाटन के पश्चात कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कहा कि आज से लेकर 10 दिसम्बर तक फाइलेरिया पखवाड़ा मनाया जा रहा है। फाइलेरिया की दवा 02 वर्ष से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गम्भीर रूप से बीमार लोगो को नही खिलायी जायेगी। यह दवा खाली पेट भी नहीं खानी है। आइवरमोक्टिन पांच वर्ष की उम्र के बाद ही दिया जाए। डीईसी एवं एल्बेंडाजोल उम्र के आधार पर दिया जाये। उन्होंने कहा कि एमडीए के दौरान डीईसी व एल्बेंडाजोल के साथ आइवरमोक्टिन दिए जाने से माइक्रो फाइलेरिया जल्द खत्म होता है। आइवरमोक्टिन खुजली व हुकवर्म और जू जैसी समस्याओं के खात्मे में मदद करता है। इस पखवाड़ा में चार प्रकार की दवाएं उम्र के अनुसार खिलाये जाने केे निर्देश दिये। जिससे पेट के अन्य खतरनाक परजीवी का भी खात्मा हो सके। उन्होंने कहा कि यह दवा 02 वर्ष की आयु के ऊपर महिलाओं, पुरुषो, बच्चों को शत प्रतिशत खाएं। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोग में पैर मोटे हो जाता है। जिसे हाथी पांव भी कहते हैं। यह बीमारी डेंगू मच्छर के काटने से होती है। इसके बचाव हेतु मच्छरदानी का प्रयोग करे और घर की साफ सफाई रखें। छत पर पानी का जमाव न होने दें। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि प्लास्टिक का प्रयोग न करे यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बाजार जाए तो कपड़े का थैला लेकर जाए। अपने घरों को पालीथीन मुक्त बनाये। मुख्य विकास अधिकारी थमीम अंसरिया ए0 ने कहा कि फाइलेरिया पखवाड़ा में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में एएनएम व आशाओं के माध्यम से शत प्रतिशत दवा खिलाई जाएगी। इस अभियान में प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग अपेक्षित है। तभी बीमारी से छुटकारा पा सकेंगे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 उमाकान्त पांडेय, प्रधानाचार्या जीजीआईसी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

No comments