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परिवहन कार्यालय में पकड़ा गया फर्जी आरटीओ, फर्जी आईकार्ड और वॉकी टॉकी भी मिली

खुद को आरटीओ बताकर लोगों को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करता था।...
कानपुर गौरव शुक्ला:-  आरटीओ बताकर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे लखनऊ के एक युवक को मंगलवार शाम परिवहन अधिकारियों ने संभागीय परिवहन दफ्तर में ही दबोच लिया। लखनऊ के बेरोजगार युवक आनंद कुमार से 38700 रुपये लेकर उसने चालक पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्तिपत्र जारी किया था। तलाशी में फर्जी मुहर, आइडी कार्ड, एक वॉकी टॉकी बरामद हुआ। एआरटीओ प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कराया है, अब पुलिस उसके साथियों की तलाश कर रही है।

ऐसे सामने आया पूरा मामला

एआरटीओ प्रशासन उदयवीर सिंह के पास अपराह्न करीब दो बजे कौशलपुरी लखनऊ निवासी आनंद कुमार पहुंचा और उसने विभाग की मुहर लगा एक नियुक्तिपत्र दिखाते हुए कहा कि चालक के पद पर नियुक्ति हुई है और उसे ट्रेनिंग करनी है। एआरटीओ को शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की। इस पर आनंद ने बताया कि लखनऊ के खुर्रमनगर थाना इंद्रा नगर निवासी परिवहन विभाग के आरटीओ व प्रवर्तन अधिकारी रज्जाक अहमद ने उसे यह नियुक्ति पत्र जारी किया है। इसके बाद उसने अपना आइडी कार्ड भी दिखाया, जिसमें एआरटीओ के नाम की मुहर लगी थी। आनंद ने यह भी बताया कि रज्जाक भी लखनऊ से कानपुर आ रहा है।

इस तरह हत्थे चढ़ा शातिर

एआरटीओ प्रशासन ने तुरंत काकादेव पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम सादे कपड़ों में आकर कार्यालय में बैठ गई। रज्जाक के आते ही आनंद ने इशारा किया और तुरंत विभाग के कर्मचारियों ने उसे दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। देर शाम एआरटीओ ने थाने में तहरीर दी। काकादेव इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि आरोपित के पास फर्जी मुहर, परिवर्तन अधिकारी प्रतिनिधि पदनाम से बना फर्जी आइडी कार्ड, आधार कार्ड व वॉकीटॉकी बरामद हुआ है। धोखाधड़ी व जालसाजी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।

सचिवालय में क्लर्क थे आरोपित के पिता

लखनऊ के एक कॉलेज से 12वीं पास कर चुके फर्जी आरटीओ रज्जाक ने बताया कि उसके पिता सचिवालय में क्लर्क की नौकरी करते थे। कुछ वर्ष पूर्व उसकी बहन की तबीयत बिगडऩे पर वह नौकरी पर नहीं जा पाए। इसके बाद कुछ दस्तावेज भी खो गए थे। इससे उनकी नौकरी छूट गई थी। परिवार में मां, बहन और छोटा भाई है।

संपर्क मार्गों पर करता था वाहन चेकिंग

पीडि़त आनंद ने बताया कि रज्जाक आरटीओ बनकर कार से घूमता था। कुछ माह पूर्व मुलाकात गंगा बैराज के पास हुई थी। तब वह वाहनों की चेकिंग कर रहा था। सादे कपड़ों में दो अन्य लोग भी थे जो पुलिसकर्मी बता रहे थे। वह कई वाहनों से वसूली कर रहे थे। इस चेकिंग का वीडियो आनंद ने बनाया था।

लखनऊ के सौरभ भंडारी को भी ठगा

आरोपित ने लखनऊ एलडीए कॉलोनी निवासी सौरभ भंडारी को भी कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगा था। उससे भी करीब 40 हजार रुपये लिए और फर्जी नियुक्तिपत्र जारी किया था। पुलिस पीडि़तों की ओर से भी मुकदमा लिखाएगी।

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