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बंधौली में डीएम की छापेमारी, अब टीकर मौरम घाट की बारी

ट्रैक्टर-ट्रालियों से हो रहा मौरम का अवैध खनन
कथित मौरम माफिया रौंद रहे गरीब किसानों के खेत

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । जिले में लाल सोना रूपी मौरम खनन का खेल शुरू होते ही जहां पट्टाधारक अपनी तिजोरियों को भरने के प्रयासों में जुट गये हैं तो वहीं शनिवार की शाम जिस तरह से जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने अचानक बंधौली मौरम घाट पर पहुंचकर जांच पड़ताल की तो मौरम कारोबार का काला चिट्ठा खुलकर सामने आ गया तो डीएम ने मौरम खनन में लगी एक पाॅकलैंड मशीन को सीज कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये। जैसे ही उक्त जानकारी ग्राम टीकर के ग्रामीणों को पता चली तो वह कहने लगे बंधौली में तो डीएम ने छापेमारी की है लेकिन ग्राम टीकर में चल रहे अवैध मौरम खनन की कब बारी आयेगी।
उल्लेखनीय हो कि जैसे ही बेतवा नदी में पानी का प्रवाह कम हुआ तो पहले से ही टकटकी लगाये कथित मौरम माफियाओं ने अपना काम करना शुरू कर दिया। इस संबंध में ग्रामीणों की मानें तो रात के अंधेरे में दर्जनों ट्रैक्टर-ट्राली नदी के तट पर पहुंचकर अवैध तरीके से मौरम का खनन करने में जुट जाते हैं और रात के ही अंधेरे में वह अपने वाहनों को बलपूर्वक गरीब किसानों के खेतों से जबरन निकालने से नहीं चूक रहे हैं। इस तरह से स्थिति का सामना गांव के गरीब किसान विगत कई सालों से करते चले आ रहे हैं। इस संबंध में जब भी कथित मौरम माफियाओं का गरीब किसानों ने विरोध करने का साहस जुटाया तो उल्टा उनके ही विरुद्ध मौरम माफियाओं ने एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें अपना मुंह बंद रखने को विवश कर दिया। यही कारण है कि आज टीकर क्षेत्र के अनेकों बेकसूर किसान बेवजह मौरम माफियाओं की काली करतूतों का शिकार होकर दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं। जब टीकर गांव के ऐसे ही गरीब किसानों को जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर द्वारा ग्राम बंधौली के मौरम घाट पर छापामार कार्रवाई की जानकारी मिली तो उनके चेहरे इस उम्मीद के साथ खिल उठे कि अब शायद जिलाधिकारी टीकर में कथित तरीके से संचालित मौरम घाटों पर भी छापामार कार्रवाई को अंजाम देकर कथित मौरम माफियाओं पर भी कानूनी शिकंजा कसेंगे।

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