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बिजली कर्मचारियों ने दफ्तरों में ताला डाला, नहीं हुआ कोई काम

केस्को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और ट्रांसमिशन के कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।...
कानपुर गौरव शुक्ला:-  पॉवर कारपोरेशन में भविष्य निधि को लेकर हुए घोटाले के बाद विद्युत कर्मचारियों में आक्रोश पनप रहा है। सोमवार को शहर में कर्मचारियों ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार के चलते विभागीय दफ्तरों में ताला डालकर विरोध जताया। सुबह से किसी भी दफ्तर में कोई काम नहीं हुआ और कर्मचारी कार्यालयों के बाहर नारेबाजी करते रहे। उन्होंने सरकार से मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। वहीं कहीं भी बड़ा फाल्ट नहीं हुआ ताकि लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़े।
पॉवर कारपोरेशन के कर्मचारियों के पीएफ का लगभग 2200 करोड़ रुपया का घोटाला सामने आने के बाद रोष पनप गया है। पीएफ का धन फंसने के बाद कर्मचारियों ने सरकार से भविष्य निधि की सुरक्षा को लेकर लिखित आश्वासन की मांग की है। उन्होंने सरकार से मामले में श्वेत पत्र जारी करने और घोटाले के दौरान पावर कारपोरेशन में तैनात अफसरों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। उनका तर्क है कि घोटाले में आईएएस अधिकारियों का भी हाथ रहा है और सरकार उन्हें बचा रही है। अबतक केवल पावर कारपोरेशन के अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, घोटाले में आइएएस अधिकारी भी बराबर के भागीदार हैं। इसलिए उनपर भी मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर शहर में भी सोमवार को बिजली कर्मचारियों ने 48 घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मचारी नेता विजय त्रिपाठी के नेतृत्व में कर्मियों ने केस्को के सभी कार्यालयों को बंद करा दिया और ताला डाल दिया। अभियंताओं ने भी कर्मचारियों का समर्थन किया। बर्रा और जूही स्थित दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कार्यालयों में भी कर्मचारियों ने तालाबंदी कर दी। यहां कार्यालयों में कोई कामकाज नहीं हुआ। विद्युत आपूर्ति से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी कार्य करते रहे। हालांकि इस दौरान विद्युत वितरण खंड कार्यालय भी बंद रहे। बिजली कर्मचारी अपने कार्यालयों के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।

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