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प्रथम बार गर्भवती बनी महिलाएं कराएं पंजीकरण

मिलेगी पांच हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि 
अब तक हजारों माताएं ले चुकी हैं लाभ 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । पहली बार गर्भवती मां हुई महिला के बेहतर खान पान और पोषण के लिए सरकार पांच हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। इससे न सिर्फ महिलाएं बल्कि उनकी आने वाली पीढ़ी भी स्वस्थ और मजबूत बन सके। यदि पोषण की बात की जाए तो देश की ज्यादातर महिलाएं आज भी कुपोषित हैं और लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी है। इसलिए महिलाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ और मजबूत बनाना बेहद जरूरी है क्योंकि यदि महिला स्वस्थ रहेगी तो उसका बच्चा ही नहीं बल्कि आने वाली समस्त पीढ़ी स्वस्थ रहेगी। खासकर ग्रामीण इलाकों में, महिलाओं पर काम का बोझ अधिक है और साथ ही आर्थिक जरूरतों के कारण उन्हें गर्भावस्था के अंतिम समय तक काम करना पड़ता है। इतना ही नहीं, प्रसव के तुरंत बाद भी उन्हें काम में जुटना पड़ता है जिसके कारण वे गर्भावस्था और प्रसव उपरांत शरीर की पोषण सम्बन्धी
जरूरतों पर ध्यान नहीं दे पाती। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एक मातृत्व लाभ योजना है जिसके अंतर्गत गर्भावस्था के दौरान काम न कर पाने से हुए आर्थिक नुकसान की क्षतिपूर्ति व शरीर की अतिरिक्त पोषण आवश्यकताओं के लिए महिला को पांच हजार रूपये का नकद आंशिक मुआवजा दिया जाता है।   
जनपद के डिस्ट्रिक्ट कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) ने बताया कि यह योजना 1 जनवरी 2017 को जनपद में शुरू हुई थी। तब से अब तक जनपद में लगभग हजारों लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। इसके लिए किसी भी महिला का गरीबी रेखा से नीचे होना या उनका प्रसव सरकारी संस्थान में ही होना जरूरी नही है। बस वह किसी सरकारी नौकरी में कार्यरत न हो और उनके पास आधार कार्ड और बैंक में खाता होना चाहिए, जो आधार कार्ड से लिंक हो। लाभार्थियों का पैसा सीधा उनके बैंक खाते में ही आता है। प्रोत्साहन राशि तीन किश्तों में लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है। निशुल्क पंजीकरण कराने के बाद प्रथम किश्त 70-80 दिनों में लाभार्थी के खाते में पहुंच जाती है। आशा बहुओं द्वारा भी गृह भ्रमण कर प्रथम बार गर्भवती बनी महिलाओं को चिन्हित कर इस योजना में उनका पंजीकरण किया जा रहा है। अतः योजना का लाभ लेने के लिए करीबी आशा से भी संपर्क किया जा सकता है। सम्बंधित लाभार्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह आधार से लिंक खाते की सही जानकारी दे जिससे प्रोत्साहन राशि समय से उनके खाते में जमा की जा सके। 

क्या है योजना 
बांदा। यह योजना पहली बार गर्भवती हुई वाली महिलाओं के लिए है। यह योजना गर्भवती महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसके तहत पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में एक हजार रूपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर (गर्भावस्था के छह माह बाद) दूसरी किश्त के रूप में दो हजार रूपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में दो हजार रूपये दिए जाते हैं। ये सारे भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं, जिसका आधार से लिंक होना जरुरी है। इस योजना का लाभ सही-सही पात्र लोगों को मिल सके इसके लिए आनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। 

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