सुदामा-कृष्ण की मित्रता से सीख लें लोग- आचार्य - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Advt.

Advt.

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Friday, November 22, 2019

सुदामा-कृष्ण की मित्रता से सीख लें लोग- आचार्य

फतेहपुर, शमशाद खान । शहर के क्रय विक्रय समिति खुशवक्तराय नगर में चल रही सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के सातवे दिन आचार्य पंकज तिवारी ने भागवान के विवाह प्रसंगो व सुदामा चरित की कथा को विस्तार से सुनाया। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। कहा कि सुदामा व कृष्ण की मित्रता से लोगो को सीख लेना चाहिए। सुदामा कृष्ण की मित्रता समाज के लिये सच्ची मित्रता का संदेश है।
आचार्य पंकज तिवारी को माला पहनाते आयोजक।  
उन्होंने कहा कि प्रसाद तीन अक्षर से मिलकर बना है। पहला प्र का अर्थ प्रभु, दूसरा सा का अर्थ साक्षात व तीसरा द का अर्थ होता है दर्शन। जिसे हम सब प्रसाद कहते हैं। हर कथा या अनुष्ठान का तत्वसार होता है जो मन बुद्धि व चित को निर्मल कर देता है। मनुष्य शरीर भी भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। जीवन में प्रसाद का अपमान करने से भगवान का ही अपमान होता है। कथा समापन पर आरती व प्रसाद वितरित किया गया। प्रमुख रूप से युवा विकास समिति के जिला प्रवक्ता आलोक गौड, आयोजक गोरे दुबे, राजन प्रेम प्रकाश तिवारी, देवीदीन सिंह, किशन सिंह ,मुरारी मामा, रमेशचन्द्र अग्रहरी, राका रंजन द्विवेदी, देवीगंज सभासद दिनेश तिवारी (खलीफा), राजा पांडेय, रवि तिवारी, कल्लू तिवारी, अमर सिंह, विद्याभूषण अवस्थी, आचार्य प्रेमसागर मिश्र आदि रहे।

1 comment:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages