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परिवार नियोजन के प्रति करें जागरुक: सीएमओ

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। सीएमओ कार्यालय में परिवार नियोजन की सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सेवा प्रदाताओं का जिला स्तरीय काउंसलिंग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार यादव ने किया।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोग ग्रामीण स्तर पर एएनएमध्आशा को प्रशिक्षण देंगे। जिससे वह (एएनएम, आशा) ज्यादा से ज्यादा लोगों को परिवार नियोजन के सेवाओं की जानकारी देकर इसे अपनाने के लिए उन्हें प्रेरित कर सकें। उन्होने कहा कि सीमित परिवार के दंपतियों को फायदे और महिलाओं को गर्भधारण में कम से कम दो साल का अंतर रख बच्चों के स्वस्थ रहने के लाभ बताएं। टीएसयू लखनऊ की रेणुका बहादुर व जिला परिवार कल्याण विशेषज्ञ कपिल श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण दिया। इसमें बताया गया परिवार पूरा होने पर
परिवार नियोजन के अस्थायी व स्थाई साधन अपना सकते है। यह साधन जिला अस्पताल, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मिलेंगे। यह भी बताया गया परिवार सीमित होने पर संसाधन अधिक रहने से वह स्वस्थ रहेगा। गर्भवती महिलाएं परिवार नियोजन प्रोवाइडर के संपर्क में लगभग 10 माह तक रहती हैं। इस दौरान उन्हें परिवार नियोजन के फायदे बताए जा सकते हैं क्योंकि वह बराबर स्वास्थ्य केंद्रों पर आती रहती हैं। परिवार नियोजन के लिए अस्थायी विधि जैसे आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, गर्भनिरोधक गोलियां छाया, ईमरजेंसी पिल्स, माला एन, अंतरा इंजेक्शन, कंडोम आदि व स्थायी विधियों में नसबंदी पुरुष एवं महिला के बारें में विस्तार से बताया गया। परिवार कल्याण विशेषज्ञ कपिल श्रीवास्तव ने बताया कि नसबंदी अपनाने वाले पुरुषों को प्रोत्साहन राशि के रुप में तीन हजार रुपये और महिलाओं को दो हजार रूपये की राशि दी जाती है। नसबंदी के लिए दंपति को अस्पताल लाने वाली आशाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस मौके पर सीएचसी मनिकपुर प्रभारी डॉ राजेश सिंह, चिकित्सक, एएनएम, बीसीपीएम, परामर्शदाता मौजूद रहे।

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