Latest News

जैविक खाद का इस्तेमाल करें अन्नदाता

जमीन जंगल और जल के साथ पर्यावरण संरक्षण का किया गया आवाहन 

बबेरू, कृपाशंकर दुबे । कस्बे के एक मैरिज हाल में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन पर चर्चा की गई और जैविक कार्य प्रशिक्षण में किसानों से जैविक खादों का इस्तेमान करने के लिए कहा गया। जैविक खाद के इस्तेमाल से खेत की मिट्टी ताकतवर होती है और पैदावार अच्छी होती है। इसके साथ ही जंगल, जल और जमीन के साथ पर्यावरण संरक्षण का आवाहन भी किया गया। 
गोष्ठी को संबोधित करते अतिथि डा. वीके सचान 
कामदगिरि आर्गेनिक फार्मस प्रोड्यूसर कंपनी के तत्वाधान में रविवार को आयोजित गोष्ठी में किसानों ने बढ़चढ़कर भागीदारी की। गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डा.वीके सचान ने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण जरूरी है। अरबों रुपया खर्च होने के बावजूद इनका संरक्षण नहीं हो पा रहा। इस पर ध्यान देना होगा। अगर प्रकृति के नियमों को तोड़ा गया तो तबाही होगी। मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखकर विकास की योजनाएं बनाई जानी चाहिए। उन्होंने किसानों से जल, जंगल, जमीन के साथ पर्यावरण संरक्षण को
सहेजने की सलाह दी। कहा कि अगर अभी नहीं चेते तो आने वाले समय में इसके परिणाम भयानक होंगे। गोष्ठी का संचालन कर रहे डा.मीनाक्ष कुमार ने कहा कि पुरानी खेती पद्धति को छोड़कर किसान जैविक खेती को अपनाकर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। उन्होंने किसानों से रासयनिक खादों के बजाए जैविक खाद के प्रयोग पर जोर दिया। रासयनिक खादों के दुष्परिणाम बताए। आयोजक आदित्य सिंह पटेल और अमन कुमार ने गोष्ठी में उपस्थित किसानों को जैविक खेती करने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर संजय मिश्रा, धर्मेंद्र कुमार, संजय कुमार, जय प्रताप गुप्ता, राजकुमार साहू, दिनेश कुमार, देवराज, रामभरोसा मौर्य, रामलखन यादव, रामकिशोर सिंह, रामकिशोर निराला, सूर्यभान सिंह, बिंदा प्रसाद समेत सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे। 

No comments