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घोटाले के विरोध में बिजली कर्मियों का कार्य बहिष्कार शुरू

उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ ने पीली कोठी कार्यालय परिसर में दिया धरना 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार को अपने 48 घंटे के कार्य बहिष्कार के पहले दिन पीली कोठी कार्यालय परिसर में बिजली कर्मचारियों ने धरना दिया और नारेबाजी की। इसमें जनपद के समस्त अभियंता और रेगुलर/नियमित कर्मचारी भी शामिल रहे। 
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति नियमित कर्मियों के भविष्य निधि के घोटाले में न्याय, संविदा कर्मियों के ईपीएफ घोटाले में न्याय, उक्त घोटालों में दोषियों पर कार्रवाई और संविदा कर्मियों को तलंगाना सरकार की भांति समायोजित करने के लिए लगातार पांच नवंबर 2019 से आंदोलनरत हैं, जिसके दौरान पूरे उत्तर प्रदेश के

पीलीकोठी कार्यालय परिसर में धरना देते बिजली कर्मचारी 
बिजली कर्मियों ने शक्ति भवन लखनऊ में एक दिवसीय रैली और आंदोलन 14 नवंबर को भी किया था। लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार द्वारा किसी तरह का कदम नहीं उठाया गया और न ही दोषियों पर ठोकस कार्रवाई की गई। इसके कारण संयुक्त संघर्ष समिति ने बाध्य होकर 48 घंटे का पूर्ण कार्य बहिष्कार का निर्णय लेते हुए पहले दिन सेामवार को प्रदर्शन किया और विरोध जताया। धरने की अध्यक्षता मोहन स्वरूप श्रीवास्तव ने की। सभा को संबोधित करते हुए इं. पीयूष द्विवेदी ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार बिजली कार्मिकों की गाढ़ी मेहनत की कमाई को ब्याज सहित वापस नहीं करती एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं करती तो संयुक्त संघर्ष समिति इससे भी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी। सभा को संबोधित करते हुए मोहन राजपूत ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार हमें न्याय नहीं देती और बिजली संविदा कर्मियों को तलंगाना सरकार की भांति समायोजित नहीं करती है तो संयुक्त संघर्ष समिति आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। धरने का संचालन आलोक श्ज्ञर्मा ने किया। आंदोलन में अनिल पाठक, अजय सविता, हिमांशु यादव, अतुल कुमार, अनिल यादव, आनंद पाल, रामा यादव, कमाल अहमद, पप्पू रजा, महेंद्र, सुनील, सुशील, पवन, ओमप्रकाश, संतोष अरशद, अशोक, राजू, राकेश सहित जिले के समस्त बिजली अभियंता और संविदा/नियमित कर्मचारी मौजूद रहे। 

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