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शहर से गांव तक होना चाहिए फागिंग: डीएम

नोडल अधिकारियों का रोका वेतन
डेगू की रोकथाम, मिशन इन्द्रधनुष के क्रियान्वयन के दिए निर्देश
गूंगे, बहरे बच्चों के चिन्हांकन को लगेगा कैम्प

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में डेंगू एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान से संबंधित अन्र्तविभागीय समन्वय समिति व सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान के क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए जनपदीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। 
उन्होंने निर्देश दिये कि डेंगू मच्छर का प्रकोप काफी अधिक बढ़ रहा है। इसे शासन स्तर पर भी गंभीरता से लिया गया है। जिसमें सभी विभाग समन्वय स्थापित कर संचारी रोग नियंत्रण पर कार्य करायें। शहर व गांव में फांगिग होना चाहिए। इस संबंध में गांव में वाल पेंटिंग भी करायें। जहां पर पानी बह रहा है तथा टोटियां खराब है उन्हें ठीक करायें। हर विद्यालय में नोडल अधिकारी बनायें तथा बच्चों को फुल ड्रेस के साथ विद्यालय में आने के निर्देश भी जारी कर दें, क्योंकि सबसे अधिक बीमारी बच्चों पर होती है। इसका विशेष ध्यान दिया जाये। प्रभारी


चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएचसी. व पीएचसी. में सुधार करने की आवश्यकता है। सीएमओ से कहा कि कार्यों के प्रति लापरवाही पर कार्यवाही करायें। कहीं पर कोई घटना नहीं होनी चाहिए। इसका अनुपालन कराया जाये। तदोपरान्त मिशन इन्द्रधनुष की समीक्षा करते हुए कहा कि पिछले अभियान में इसका प्रतिशत कम है। माइक्रोप्लान तैयार करा लिया जाये। अभियान को सुचारू रूप से चलाकर कोई भी बच्चा व गर्भवती महिला न छूटने पाये। बैठक में नोडल अधिकारी डा ध्रुव कुमार व डा लालचन्द्र के उपस्थित न होने पर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि अग्रिम आदेशों तक वेतन रोके जाने का पत्र वरिष्ठ कोषाधिकारी को भेजा जाये। जिन क्षेत्रों में सर्वे हुआ है उसमें मार्किंग क्यों नहीं की गई। इसे तीन दिन के अंदर पूर्ण करायें। जिन बिन्दुओं पर प्रगति खराब है उन पर तत्काल कार्यवाही करें। स्व डा एसएन मेहरो़त्रा मेमोरियल ईएमटी. फाउण्डेशन अशोक नगर कानपुर के सचिव डा राहित मेहरोत्रा ने बताया कि गैर सरकारी संस्था है जो निरन्तर मूक बधिरता कार्यक्रम कर रही है। संस्थान के पास नाक, कान एवं गला चिकित्सालय उपलब्ध है। मुख्य चिकित्साधिकारी कानपुर नगर में पंजीकृत है। संस्था जीरो से पांच वर्ष तक के गूॅंगे, बहरे बच्चों की एडीआईपी.योजना के अंतर्गत निःशुल्क सर्जरी के लिए अली अवर जंग राष्ट्रीय विकलांग संस्थान मुम्बई एवं निदेशक दिव्यांग जन सशक्तिकरण विीााग लखनऊ को अधिकृत केन्द्र है। अभी तक 300 मूक बधिर बच्चों की सर्जरी कर सामान्य बच्चों की श्रृंखला में जोड़ा गया हैं। जनपद में भी शिविर लगाकर चिन्हांकन किया जाये। ताकि उनकी सर्जरी कराकर मूक बधिरता को समाप्त कराया जा सके। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि तत्काल कार्यवाही करायी जाये। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा विनोद कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी व चिकित्सक मौजूद रहे।

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