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80 घंटे बाद महाराष्ट्र की सरकार गिरी

देवेश प्रताप सिंह राठौर
(वरिष्ठ पत्रकार)

भारत के इतिहास में सुपरहिट सरकार बनी भारतीय जनता पार्टी की उसी तरह सुपर तौर पर गिरी भी वैसे जिस तरह के एनसीपी और कांग्रेस और शिवसेना का तालमेल एवं गठबंधन होटल में विधायकों को एकत्रित करना तथा कल 162 विधायकों की परेड कराना सिद्ध हो गया था कि कुछ भाजपा सरकार बनाने में शायद दिक्कतें आ सकती है शरद पवार की राजनीति को समझना हर किसी की बात नहीं है क्या सोचते हैं क्या करते हैं हो बहुत ही उम्दा राजनीतिक कार है होरा ठाकरे ने शरद पवार जी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और कहा देवेंद्र फर्नांडिस जो बोल रहे हैं उससे मुझे दुख महसूस हो रहा है अशोक को इस बात को है पूरे देश को ई बाला साहब ठाकरे के सिद्धांतों को चकनाचूर करते हुए आज ऐसी पार्टियों से गठबंधन किया जोश का हमेशा बाल ठाकरे विरोध करते आए और एक बहाना अपने उद्धव ठाकरे ने बनाया है कि बाल ठाकरे की इच्छा थी कि एक बार शिवसेना का मुख्यमंत्री बने इस तरह मुख्यमंत्री बनने से इसे पार्टी और देश समाज में एक नया संदेश जा रहा है जब पार्टी हित देशहित बोलकर सिर्फ पिता जी के सपनों को पूरा करना है क्या पार्टी आपकी इसके बाद समाप्त हो रही है जो इतने उतावले थे कि  सपनों को पूरा करने के लिए क्या शिवसेना समाप्त होने की कगार पर आ चुकी है। क्योंकि 30 साल पुराना भाजपा ने और शिवसेना ने अपना जो गठबंधन तोड़ा है उसका मुख्य कारण है कि शिवसेना में

गलत लोगों को पार्टी में उद्धव ठाकरे के द्वारा जुड़े जाना है।क्योंकि एक धृतराष्ट्र पूरा महाभारत करा देता है और एक जयचंद्र क्या करता है उसको भी आपको मालूम है। एक शकुनी क्या करता है वह भी आपको जानकारी है। वैसे राजनीति में कोई सिद्धांत नहीं होते हैं। जिस तरह शिवसेना भाजपा अपने सिद्धांतों पर टिकी थी और जिस तरह आज एक टूट कर बिछड़ गई है और जो किसी जमाने में घोर दुश्मन हुआ करते थे राजनीति के ओ एक साथ होकर उधव ठाकरे उनके पैर छू रहे हैं आशीर्वाद ले रहे हैं।आपको बताना चाहते हैं जब सपा बसपा का गठबंधन हुआ था कन्नौज की एक सभा में श्रीमती डिंपल यादव ने भरी सभा में सुश्री मायावती के पैर छुए थे। पैर छूने के बाद लग रहा था कि सपा बसपा एक साथ मजबूत गठबंधन के तौर पर चलेगी लेकिन सरकार बनने के 4 दिन बाद ही मायावती ने सपा से अपना मुंह मोड़ लिया आज तक इस बात को लोग सपा लोग खेद व्यक्त करते हैं कि श्रीमती डिंपल यादव ने सुश्री मायावती के पैर छूना एक गलत था।प्रमोद एक बात मैंने कहा है राजनीति में सब जायज है। लेकिन हिंदुस्तान की राजनीति अच्छे कार्यों की तुलना कम करके आज भ्रष्टाचारी को नरेंद्र मोदी की सरकार ने लगाम लगाई है और योगी की सरकार ने उत्तर प्रदेश में लगाम लगाई है उसमें विरोधी लोगों पार्टियों का जनादेश खिसक रहा है उसे बचाने के लिए वह कुछ भी किसी हद तक जाने के लिए प्रयासरत है। सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय दिया होलीडे इस देश के सभी संभ्रांत नागरिक हृदय से स्वीकार करते हैं। लेकिन राम मंदिर पर जिस तरह से सुन्नी वक्फ बोर्ड अपनी लचर टाइम देखे पद्धति और कट्टरता का जो परिचय दे रहा है।जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पहले कहता था कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश आएगा मैं उसको सभी मुस्लिम समाज उसका हृदय से सम्मान करेगा ,वह आज वही दोगली नीति अपना रहे हैं क्योंकि मैंने बहुत पहले लिखा था यह जयचंद है किसी के सगे नहीं है जब पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को 16 बार हराया था रहेम करके छोड़ दिया था और मोहब्बत गौरी ने अपनी ताकत को एकत्र करके जब हमारे पृथ्वीराज सिंह चौहान को शिकस्त दी तो पूरा दुनिया जानता है कि उनकी सोच और हिंदुत्व की सोच में कितना फर्क है हिंदुत्व हमेशा सरल प्रवृति  का होता है और यह लोग कट्टरपंथी होते हैं ,जिसके कारण कानून को भी गच्चा देने का काम करते हैं।यह सिर्फ राम मंदिर का जब डिसीजन नहीं आया था तो सिर्फ देश को गुमराह कर रहे थे कि जो भी सुप्रीम कोर्ट डिसीजन देगी उसको हम मानेंगे और आज जिस तरह की भाषा बोल रहे हैं उससे स्पष्ट हो गया है कि इन पर विश्वास करना संभव नहीं है। देश के लिए कभी भी घातक बन सकते हैं।सारे कश्मीर में जब आतंकवाद जो खेल रहा है उसका मुख्य कारण यही अल्पसंख्यक है क्योंकि यह लोग आतंकवादियों को इतनी राहत और शरण देते हैं जिससे हम लोग हमारे वीर सैनिक आहत हो जाते हैं।नहीं किसकी मजाल है पाकिस्तान की क्या औकात है भारत की तरफ आंख उठाकर भी देख ले और एक चींटी तक को मार दे परंतु जब अंदर ही बैठे हैं ,आतंकवादी तो कैसे आतंकवाद समाप्त होगा इस पर सरकार को सोचने की जरूरत है।

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