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राज्यसभा पहुंचा डेंगू से मौतों का मामला, पांच और मरीजों ने तोड़ा दम, अब तक 156 की गई जान

कानपुर में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को डेंगू से पांच रोगियों की और मौत हो गई। 25 रोगियों को गंभीर हालत में अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया है। अस्पतालों की ओपीडी में आए सवा सौ रोगियों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं।
कानपुर गौरव शुक्ला:- शरीर के अंदरुनी अंगों में खून के रिसाव के कारण रोगी खून की उल्टी कर दे रहे हैं। रोगी की मौत पर हैलट के बालरोग अस्पताल में तीमारदारों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। डेंगू से मरने वालों की संख्या 156 हो गई है।

राज्यसभा सदस्य चौधरी सुखराम सिंह यादव ने सदन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि गरीब परिवार में डेंगू से मौत होने पर आर्थिक अनुदान की नीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि मेहरबान सिंह का पुरवा तथा तात्याटोपे नगर, मर्दनपुर, पिरौरी, गुजैनी समेत दर्जनों गांवों में डेंगू रोगियों की संख्या बढ़ रही है। डेंगू ने विकराल रूप धारण कर लिया है और शासन मरने वालों की सही संख्या का आकलन नहीं कर रहा है। निजी क्षेत्र के अस्पतालों में इलाज बहुत महंगा है।

डेंगू से कर्नलगंज के रहने वाले अशरफ (65) पुत्र अब्दुल गफ्फार की हैलट इमरजेंसी में मौत हो गई। देर रात पेट में ब्लीडिंग (अपर जीएसआई) होने से खून की उल्टी होने लगी। इसके बाद हालत बिगड़ी और मौत हो गई। परिजन निजी लैब से जांच कराकर आए थे।
नौबस्ता के एक निजी अस्पताल में भर्ती मो. इब्राहीम (45) और लालबंगला के अस्पताल में रघुनंदन की पत्नी देविका (50) की मौत हुई। निजी लैब की जांच में ये डेंगू पॉजीटिव रहे हैं। शिवली रोड के रहने वाले धर्मेंद्र की पुत्री रिंकी (8) की कल्याणपुर स्थित एक नर्सिंगहोम में मौत हुई है। मंगलवार सुबह हैलट के बालरोग अस्पताल में मकबरा, ग्वालटोली के सादिक (12) की मौत हो गई।
मामा अशफाक ने बताया कि निजी लैब में डेंगू पॉजीटिव आया था। बालरोग में नर्स के वीगो में एक साथ दो इंजेक्शन लगाने के बाद हालत बिगड़ी, शरीर नीला पड़ गया और मौत हो गई। परिजन बालरोग में हंगामा करते रहे। इसके बाद शव लेकर चले गए। डॉक्टरों का कहना है कि उसे फैल्सीपेरम मलेरिया भी था। उल्टी हुई तो सांस की नली में फंस गई जिससे दम घुट गया।
मौत हो रही चटपट और रिपोर्ट पांच दिन में

डेंगू के संक्रमण से तेज बुखार आने के बाद कई रोगियों की दो-तीन दिन के अंदर मौत हो जा रही है और मेडिकल कालेज का माइक्रोबायोलोजी विभाग पांच दिन में रिपोर्ट दे रहा है। इससे रोगियों का ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है। रोगियों के मरने के बाद डेंगू की जांच रिपोर्ट आती है। स्वास्थ्य विभाग माइक्रोबायोलोजी और उर्सला की रिपोर्ट को ही मान्यता देता है। अधिकांश रोगी निजी लैब में जांच करा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा पहुंचा सात

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के मुताबिक डेंगू से अब तक सिर्फ सात मौतें हुई हैं। निजी लैब से डेंगू पुष्ट रोगियों की मौत की संख्या डेढ़ सौ का आंकड़ा पार कर चुकी है। वेक्टर जनित रोग नियंत्रण इकाई की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 2442 डेंगू पॉजीटिव आए हैं। इनमें नगरीय क्षेत्र के 1501 और जिले के 1846 हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 174 और अज्ञात केस 171 हैं। डेंगू से होने वाली मौतों की सूचना पर अब तक 84 मामलों का

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